अर्बन नक्सल, अराजकतावादी और नास्तिक जा रहे हैं सबरीमाला मंदिर: वी. मुरलीधरन
नई दिल्ली। केंद्रीय विदेश राज्यमंत्री वी. मुरलीधरन ने रविवार को मीडिया से बातचीत करते हुए कहा कि अभी जो लोग सबरीमाला मंदिर जा रहे हैं, वे अर्बन नक्सल, अराजकतावादी और नास्तिक हैं, मैं नहीं मानता कि वे श्रद्धालु हैं, ऐसे लोग बस ये साबित करना चाहते हैं कि वे सबरीमाला मंदिर गए हैं लेकिन क्या ये लोग क्या सचमुच श्रद्धालु हैं, इसकी जांच होनी चाहिए। मुरलीधरन ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट की ओर से अभी अंतिम निर्णय लिया जाना बाकी है और केरल सरकार इस बात का ख्याल रखते हुए कदम उठा रही है और वह दबाव में काम कर रही है।

सबरीमाला मंदिर के कपाट खोले गए हैं
मालूम हो कि बीते गुरुवार को केरल के सबरीमाला मंदिर में सभी उम्र की औरतों को प्रवेश की इजाजत दिए जाने के अपने फैसले पर दाखिल पुनर्विचार याचिकाओं को सुप्रीम कोर्ट ने बड़ी बेंच को भेज दिया है। सबरीमाला मंदिर मामले की सुनवाई अब सात जजों की बेंच करेगी, बताते चलें कि केरल स्थित सबरीमाला मंदिर के कपाट शनिवार को मंडल पूजा उत्सव के लिए खोले गए है, जिसके बाद लाखों की संख्या में लोग यहां दर्शन करने पहुंच रहे हैं।

'सबरीमाला में भगवान अयप्पा स्वामी की पूजा होती है'
सबरीमला, केरल के पेरियार टाइगर अभयारण्य में स्थित एक प्रसिद्ध हिन्दू मंदिर है, जहां भगवान अयप्पा स्वामी की पूजा होती है, यहां प्रति वर्ष लगभग 2 करोड़ लोग श्रद्धालु दर्शन के लिए आते हैं, इस मंदिर को मक्का-मदीना की तरह विश्व के सबसे बड़े तीर्थ स्थानों में से एक माना जाता है।
'पब्लिसिटी के लिए आने वाली महिलाओं का समर्थन नहीं करती'
मंदिर के दर्शन विवाद पर केरल सरकार ने कहा था कि वह पब्लिसिटी के लिए आने वाली महिलाओं का समर्थन नहीं करती। उन्हें पुलिस सुरक्षा नहीं मिलेगी। केरल के पर्यटन और देवस्वोम मंत्री कडकमपल्ली सुरेंद्रन ने कहा कि सबरीमाला पूजा का स्थान है न कि प्रदर्शन का। यहां पर तृप्ति देसाई जैसी कार्यकर्ताओं के लिए अपनी ताकत दिखाने के लिए कोई जगह नहीं है। इसलिए राज्य सरकार मंदिर में ऐसे किसी भी व्यक्ति के प्रवेश का समर्थन नहीं करेगी जो वहां सिर्फ लोकप्रियता के मकसद से आया है।












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