UPSC में 44वीं रैंक: बिहार का तुषार निकला सही, हरियाणा वाला तुषार फर्जी, MP की आयशा मकरानी भी निकली झूठी
UPSC 44th Rank Tushar: यूपीएससी ने 44वीं रैंक लाने का दावा करने वाले दो अभ्यर्थियों के बीच का मामला सुलझा दिया है। यूपीएससी ने बता दिया है कि बिहार के भागलपुर वाला तुषार सही है या हरियाणा के रेवाड़ी वाला तुषार सही है?

यूपीएससी (UPSC) की परीक्षा में 44वें रैंक पर दावे को लेकर विवाद को अब यूपीएससी (UPSC) ने सुलझा दिया है। यूपीएससी ने साफ कर दिया कि बिहार के भागलपुर का तुषार ही सही है और उसी ने वास्तविकता में UPSC में 44 रैंक लाई है। वहीं हरियाणा (रेवाड़ी) वाले तुषार के खिलाफ फर्जीवाड़ा का केस चलेगा। हरियाणा के रेवाड़ी के रहने वाले तुषार ने एडमिट कार्ड एडिट कर झांसा देने का प्रयास किया था। अब उसकी पोल खुल गई है।
प्रारंभिक परीक्षा में ही फेल था हरियाणा का तुषार
हरियाणा के तुषार कुमार को 2208860 रोल नंबर जारी किया गया था। लेकिन प्रारंभिक परीक्षा में ही वह फेल हो गया था। उस पहले पेपर में माइनस 22.89 अंक मिले थे। वहीं दूसरे पेपर में 44.73 अंक मिले थे। UPSC के नियमों के अनुसार पेपर टू में कम से कम 66 अंक लेने वाले ही उत्तीर्ण माने जाते हैं।
एडमिट कार्ड को एडिट कर किया था फर्जीवाड़ा
हरियाणा के रेवाड़ी के तुषार कुमार ने एडमिट कार्ड को एडिट कर फर्जीवाड़ा किया था। उसने रोल नंबर को ही एडिट कर दिया और पास करने वाले तुषार का रोल नंबर डाल दिया। फिर दावा करने लगा कि वह यूपीएससी के 44 वीं रैंक का असली हकदार है।
बिहार के तुषार कुमार ने पहले ही कहा था कि हरियाणा वाला तुषार फर्जी है
संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) रिजल्ट घोषित होने के बाद 44वीं रैंक पर बिहार और हरियाणा के तुषार कुमार ने दावा किया था कि यह उसका रिजल्ट है। एक तुषार बिहार के भागलपुर जिले का रहने वाला है, वहीं दूसरा तुषार कुमार एक हरियाणा के रेवाड़ी जिले का निवासी है। वहीं भागलपुर (बिहार) निवासी तुषार ने पहले ही रेवाड़ी (हरियाणा) के तुषार को फर्जी बताया था। उसका कहना था कि हरियाणा वाले तुषार कुमार का एडमिट कार्ड फर्जी है।
गुरवार से गायब है रेवाड़ी का तुषार कुमार, फोन भी बंद
रेवाड़ी के तुषार गुरुवार से ही घर से यह कहकर बाहर गया कि वह चेक करने जा रहा है कि आखिर किसका रोल नंबर सही है। वहीं कुछ देर बाद उसका फोन भी बंद आने लगा। परिवार वाले से भी संपर्क नहीं हो पा रहा है।
एमपी की आयशा मकरानी निकली झूठी
दरअसल, यह मामला मध्य प्रदेश के देवास की आयशा फातिमा और अलीराजपुर की आयशा मकरानी से जुड़ा हुआ है। विवाद सामने आने के बाद जब दोनों के प्रवेश पत्र यानी एडमिट कार्ड देखे गए तो अलीराजपुर की आयशा के एडमिट कार्ड में कुछ गलतियां दिखीं। पहला ये कि देवास वाली आयशा के एडमिट कार्ड पर UPSC का वाटर मार्क भी है, जबकि आलीराजपुर वाली आयशा का एडमिट कार्ड सादे कागज पर प्रिंट आउट जैसा लग रहा है। आयशा मकरानी प्रारंभिक परीक्षा में ही उत्तीर्ण नहीं हो सकी थीं. प्रारंभिक परीक्षा के चरण में ही विफल होने के कराण वह परीक्षा के अगले चरणों में आगे नहीं बढ़ सकीं।
यूपीएससी करेगा कार्रवाई
यूपीएससी ने शुक्रवार को बयान जारी करते हुए कहा कि आयशा मकरानी और तुषार दोनों ने परीक्षा नियमों के विपरीत काम किया है। UPSC दोनों के खिलाफ धोखाधड़ी कृत्यों के लिए आपराधिक और अनुशासनात्मक दंडात्मक कार्रवाई पर विचार कर रहा है।












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