मानसून सत्र: किसानों की समस्याओं पर बहस के बीच सपा ने की सांसदों की सैलरी बढ़ाने की मांग
कांग्रेस नेता आनंद शर्मा ने कहा कि भारत में सांसदों के जितना अपमानित किया जाता है, उतना कहीं नहीं किया जाता। क्योंकि यहां लोग कहते हैं कि हम अपनी सैलरी खुद बढ़ाते हैं।
नई दिल्ली संसद का मानसून सत्र बुधवार को भी हंगामेदार रहा। किसानों, दलितों के मुद्दे पर कांग्रेस और विपक्षी पार्टियों ने दोनों ही सदनों में जमकर हंगामा किया। इस हंगामे के बीच सांसद अपनी सैलरी बढ़ाने की बात आगे बढ़ाने से नहीं चूके। राज्यसभा में सपा सांसद नरेश अग्रवाल ने सांसदों की सैलरी बढ़ाने की मांग की। उन्होंने कहा कि हमारी सैलरी हमारे सचिव से भी कम है।

वहीं कांग्रेस नेता आनंद शर्मा ने कहा कि भारत में सांसदों के जितना अपमानित किया जाता है, उतना कहीं नहीं किया जाता। क्योंकि यहां लोग कहते हैं कि हम अपनी सैलरी खुद बढ़ाते हैं। तो वहीं राज्यसभा में कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह ने कहा किसानों की समस्या सर्वव्यापी है। सरकार इस पर मौन है। किसानों को कीमत मिलने के बजाय गोलियां दी जा रही हैं। डीएमके सांसद कनिमोझी ने कहा कि तमिलनाडु नीट व्यवस्था से खुद को हमेशा के लिए अलग करना चाहता है। राज्यों के मेडिकल कॉलेजों को राज्य सरकार फंड करती है।
इसके साथ ही डी राजा ने कहा कि मेरी केंद्र सरकार से मांग है कि तमिलनाडु के नीट से छूट दी जाए। इस पर केंद्रीय मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने कहा नीट का मामला कोर्ट में है। हमारा मंत्रालय और स्वास्थ्य मंत्रालय एक-दूसरे के संपर्क में है। हमने सभी की अपील का संज्ञान लिया है। नीट के मामले पर राज्यसभा में सभापति की सीट के पास एआईएडीएमके सांसद इकट्ठे हो गए। वहीं समाजवादी पार्टी के सांसद मुलायम सिंह यादव ने लोकसभा में कहा कि आज चीन से हिन्दुस्तान को बहुत खतरा है, भारत का असली दुश्मन पाकिस्तान नहीं चीन है। वो भारत पर हमले की तैयारी कर रहा है।












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