हाथरस कांड: यूपी सरकार का हलफनामा- पीड़ित परिवार को दी गई ट्रिपल लेयर सिक्युरिटी
नई दिल्ली। हाथरस मामले में यूपी सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में हलफनामा दाखिल किया है। कोर्ट ने राज्य सरकार से पीड़ित परिवार की सुरक्षा और उन्हें वकील की उपलब्धता पर जवाब देने को कहा था। यूपी सरकार ने इस पर जवाब देते हुए बताया कि पीड़ित परिवार और गवाहों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए तीन-स्तरीय सुरक्षा प्रदान की गई है। इसके अलावा यूपी सरकार ने सुप्रीम कोर्ट से सीबीआई जांच की निगरानी करने का आग्रह किया है। बता दें, हाथरस मामले में दाखिल जनहित याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस एसए बोबड़े को अध्यक्षता वाली बेंच ने सरकार से तीन पहलुओं पर जवाब मांगा था।
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कोर्ट ने मांगा था ये जवाब
कोर्ट ने पूछा था कि पीड़ित परिवार और गवाहों को किस तरह की सुरक्षा दी गई है? क्या पीड़ित परिवार ने अपने लिए वकील नियुक्त कर लिया है? इलाहाबाद हाईकोर्ट में मामला किस स्थिति में है? सुप्रीम कोर्ट ने राज्य सरकार से तीन बिंदुओं पर जवाब मांगते हुए कहा था कि वह इस मामले में जांच को सही तरीके से चलाने के लिए उचित आदेश जारी करेगा।
यूपी सरकार ने दाखिल किया हलफनामा
यूपी सरकार की ओर से बुधवार को हलफनामा दाखिल कर कोर्ट को बताया कि पीड़ित पक्ष के गांव और घर पर पर्याप्त सुरक्षा उपलब्ध कराई है। घर के बाहर पीएसी की एक टीम स्थाई रूप से कैंप कर रही है। पीड़िता के पिता, मां, दो भाइयों, भाभी और दादी को निजी सुरक्षाकर्मी भी दिए गए हैं। घर के बाहर फायर ब्रिगेड की एक गाड़ी स्थाई रूप से तैनात है। साथ ही घर के बाहरी हिस्से में 8 सीसीटीवी कैमरे भी लगाए गए हैं। यूपी सरकार ने कोर्ट को यह भी बताया है कि पीड़ित परिवार ने अपनी तरफ से वकील सीमा कुशवाहा और राज रतन को नियुक्त किया है। दोनों उनके लिए पेश हो रहे हैं।
सुप्रीम कोर्ट करे सीबीआई जांच की निगरानी
यूपी सरकार ने कोर्ट से कहा कि वह पीड़िता को न्याय दिलाने को लेकर गंभीर है। राज्य सरकार की ओर से कहा गया कि मामले की जांच सीबीआई ने शुरू कर दी है। सुप्रीम कोर्ट खुद इस जांच की निगरानी करे और जांच की समय सीमा भी तय की जाए। सीबीआई को कहा जाए कि वह हर 15 दिन में प्रदेश सरकार को जांच की स्टेटस रिपोर्ट दे। इस रिपोर्ट को यूपी सरकार सुप्रीम कोर्ट में दाखिल करती रहेगी।












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