योगी आदित्यानाथ बोले लॉकडाउन में फंसे लोगों को घर जाने की इजाजत देंगे, लेकिन....
नई दिल्ली- उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुधवार को राज्य में लॉकडाउन की वजह से जगह-जगह फंसे लोगों को लेकर बहुत बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा है कि अगर दूसरे राज्य अपने-अपने लोगों को उत्तर प्रदेश से ले जाना चाहती हैं तो यूपी सरकार न सिर्फ इसकी अनुमति देगी, बल्कि उनका पूरा सहयोग भी करेगी। बता दें कि इस वक्त यूपी के कई शहरों में हजारों प्रवासी मजदूर फंसे हुए हैं, जिनका क्वारंटीन का वक्त भी पूरा हो चुका है। यूपी के सीएम को शायद यह बात इसलिए कहनी पड़ी है कि अभी हाल भी में उसने राजस्थान के कोटा में मेडिकल-इंजीनियरिंग की तैयारियां कर रहे हजारों स्टूडेंट्स को सैकड़ों बसों के जरिए यूपी मंगवाया है। इसको लेकर बिहार और झारखंड के मुख्यमंत्री भी उनपर इशारों में निशाना साध चुके हैं। ऊपर से जगह-जगह फंसे प्रवासी मजदूरों को घर वापसी की व्यवस्था करने की भी मांगें भी उठ रही हैं।

जो राज्य अपने लोगों को ले जाना चाहते हैं ले जाएं- योगी
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुधवार को कोरोना वायरस की वजह से लगाए लॉकडाउन में जगह-जगह फंसे प्रवासी मजदूरों और बाकी लोगों के लिए बहुत बड़ा ऑफर दिया है। उन्होंने कहा है, 'यदि दूसरे राज्यों की सरकारों की इच्छा है कि वे उत्तर प्रदेश में लॉकडाउन की वजह से फंसे हुए अपने-अपने नागरिकों को वापस ले जाएं तो हमारी सरकार इसकी अनुमति देगी और सहयोगी भी करेगी।' मुख्यमंत्री ने ये बातें वरिष्ठ अधिकारियों के साथ कोरोना वायरस को लेकर हुई समीक्षा बैठक के दौरान कही है। उन्होंने यह भी कहा कि राजस्थान के कोटा से जिन स्टूडेंट्स को लाया गया है उनसे मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 1076 के माध्यम से किया जाना चाहिए कि वो अपने-अपने घरों पर ही क्वारंटीन में रहें। योगी आदित्यनाथ ने कहा कि वो उनसे खुद संपर्क करेंगे और उनका हाल-चाल जानेंगे।

लॉकडाउन का सख्ती से पालन कराने के निर्देश
बैठक में मुख्यमंत्री ने वरिष्ठ अधिकारियों को साफ निर्देश दिया कि जो लोग भी लॉकडाउन तोड़ते हुए पकड़े जाते हैं या सोशल डिस्टेंसिंग के मानदंडों का पालन नहीं करते हैं उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि 'लॉकडाउन का मतलब है पूरी तरह से लॉकडाउन।' राज्य की ताजा हालात पर चर्चा करते हुए मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा कि अगले हफ्ते से शुरू हो रहे रमजान के पवित्र महीने को देखते हुए सभी तरह के एहतियाती कदम उठाए जाएं। सीएम के दफ्तर से जारी आधिकारिक बयान में कहा गया है कि सीएम ने अधिकारियों को यह सुनिश्चित करने को कहा है कि सहरी और इफ्तार के समय भीड़ न जुटे।

यूपी के 32 जिले कोरोना से मुक्त हुए
इस दौरान अधिकारियों ने मुख्यमंत्री को बताया कि राज्य के 10 जिले जहां पहले कोरोना वायरस के मामले सामने आए थे, अब वहां एक भी ऐक्टिव केस नहीं बचे हैं। मुख्यमंत्री को बताया गया कि इस तरह से राज्य के 75 में से 32 जिले कोरोना से मुक्त हो चुके हैं। हालांकि, इस दौरान मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा कि हालात पर लगातार नजर रखें और जो लोग आवश्यक सामानों की सप्लाई में लगे हुए हैं उनका टेस्ट जरूर कराएं। उन्होंने कहा कि अलीगढ़, सहारनपुर और मुरादाबाद जिले संवेदनशील हैं, इसलिए वहां टेस्टिंग लैब तैयार होने चाहिए। मुख्यमंत्री ने यह भी निर्देश दिया कि जो प्राइवेट अस्पताल सुरक्षा मानकों और गाइडलाइंस का पालन नहीं कर रहे हैं उन्हें सील कर दिया जाए। यही नहीं मुख्यमंत्री ने यह भी निर्देश दिया कि जिले की जो फैक्ट्रियां कोरोना वायरस से प्रभावित नहीं हैं, उन्हें केंद्र की गाइडलाइंस के मुताबिक काम करने की अनुमति दी जाए।












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