यूपी में किस-किस से निपटेंगे सीएम योगी? बीजेपी हो या सहयोगी, जिसे जहां मौका मिल रहा वहीं खोल रहा मोर्चा
UP News: लोकसभा चुनावों में यूपी में बीजेपी और एनडीए को जो नुकसान हुआ है, उसके लिए सहयोगी दल और पार्टी के नेता भी किसी न किसी रूप में योगी सरकार के कार्य-कलापों को जिम्मेदार ठहराने की कोशिश कर रहे हैं।
सरकार की कमान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के हाथों में है, इसीलिए वे स्वाभाविक तौर पर सवालों के घेरे में आ रहे हैं। ऐसे नेताओं की लिस्ट लंबी होती जा रही है, जो नाराजगी जता रहे हैं और इसकी झनझनाहट लखनऊ से लेकर दिल्ली तक में महसूस की जा रही है।

संजय निषाद ने बुल्डोजर के 'दुरुपयोग' का उठाया मुद्दा
उत्तर प्रदेश में योगी आदित्यनाथ सरकार में मंत्री और निषाद पार्टी के प्रमुख संजय निषाद को मौका मिला है तो उन्होंने 'बुल्डोजर' के बहाने अपने बेटे की हार की भड़ास निकालने की कोशिश की है। हालांकि, बीजेपी की अन्य सहयोगी केंद्रीय मंत्री अनुप्रिया पटेल की तरह ही, वो प्रदेश की नौकरशाही पर ठीकरा फोड़ रहे हैं।
अधिकार और बिगाड़ रहे हैं माहौल- संजय निषाद
निषाद का कहना है, 'माहौल वैसे ही खराब है। उसपे अधिकारी और खराब कर दे रहे हैं।' उनकी प्रतिक्रिया जौनपुर जिले में एक बुजुर्ग महिला के घर गिराए जाने को लेकर थी। हालांकि, उन्होंने दावा किया कि 'बुल्डोजरों का दुरुपयोग' करने वाले 'अफसर समाजवादी पार्टी और बीएसपी के लिए काम कर रहे हैं।'
'बुल्डोजर गरीबों पर चलाने का नुकसान है'
उन्होंने कहा, 'बुल्डोजर गरीबों पर चलाने का नुकसान है। माफियाओं पर चलना चाहिए।' योगी के मत्स्य विभाग के मंत्री का कहना था कि भले ही तोड़-फोड़ की कार्रवाई विकास के लिए हो रही हो, पहले गरीबों के पुनर्वास का इंतजाम होना चाहिए, लेकिन यह नहीं हो पा रहा है।
'दोषी अधिकारियों' को मुख्यमंत्री ने दी हिदायत
कुछ घंटे बाद ही मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने एक्स पर एक पोस्ट डाला और ऐसे 'दोषी अधिकारियों' को सख्त हिदायत दे दी। उन्होंने लखनऊ में कुकरैल नदी पुनरुद्धार परियोजना के दौरान चल रही तोड़-फोड़ की घटना पर यह चेतावनी दी, जिसको लेकर विरोध प्रदर्शन भी देख गए हैं।
सीएम ने आधिकारिक पोस्ट में नागरिकों को भरोसा दिया कि निजी जमीनों पर बने निजी मकानों को परियोजना के कार्य के लिए नहीं तोड़ा जाएगा और इसके लिए 'दोषी अधिकारियों' को जवाबदेह माना जाएगा। उन्होंने अफसरों से लोगों को भरोसे में लेकर काम करने को भी कहा है।
संत कबीर नगर से हारे हैं संजय निषाद के सांसद बेटे
निषाद का बयान ऐसे समय में आया है जब यूपी की 80 लोकसभा सीटों में से बीजेपी के सांसदों की संख्या 62 से घटकर 33 रह गई है। पार्टी की सहयोगियों अपना दल (सोनेलाल) और निषाद पार्टी को भी झटका लगा है। खुद संजय निषाद के बेटे और संत कबीर नगर सीट के सीटिंग सांसद प्रवीण निषाद को भी हार का मुंह देखना पड़ा है।
मौर्य के बयान से भी सहमति जता चुके हैं निषाद
बाद में निषाद सोमवार को उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य से भी मिलने पहुंचे थे और उन्होंने सरकार से संगठन बड़ा होता है वाले भाजपा कार्यसमिति में दिए उनके बयान का भी समर्थन किया था। निषाद बोले कि 'कोई भी सरकार पार्टी की विचारधारा पर आधारित होती है। कार्यकर्ता ही कड़ी मेहनत करते हैं। किसी भी सरकार की राजनीतिक शक्ति से पार्टी का कार्यकर्ता बड़ा होता है और उसी के साथ जनशक्ति और जनादेश आता है।'
'अचानक ऐसा क्या हुआ कि जनता आपसे नाराज हो गई'
यही नहीं, सोमवार को भाजपा एमएलसी देवेंद्र प्रताप सिंह भी मुख्यमंत्री को एक चिट्ठी लिखकर सनसनी मचा चुके हैं। उन्होंने लिखा था, 'अचानक ऐसा क्या हुआ कि जनता आपसे नाराज हो गई....कई कारणों के मिल जाने से 2024 का अनपेक्षित परिणाम मिला....सरकार की शिक्षाकर्मचारी विरोधी छवि बन गई...'
तहसील से लेकर थाने तक भ्रष्टाचार की भी उठाया है मसला
उससे पहले बादलपुर के पार्टी विधायक रमेश मिश्रा का भी एक वीडियो वायरल हो चुका है, जिसमें उन्होंने केंद्रीय नेतृत्व से कुछ 'बड़े फैसले' लेने का कहा था। हालांकि बाद में वे अपनी बातों से पीछे हट गए। वरिष्ठ भाजपा नेता और पूर्व मंत्री राजेंद्र सिंह उर्फ मोती सिंह भी हाल में आरोप लगा चुके हैं कि आम लोगों का शोषण हो रहा है और तहसील और थाना स्तर पर कल्पना से भी ज्यादा भ्रष्टाचार फैली है।
अनुप्रिया पटेल भी कर चुकी हैं राज्य सरकार को लेकर शिकायत
इससे पहले यूपी में ओबीसी और अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित सरकारी नौकरियां कथित रूप से सामान्य वर्ग के उम्मीदवारों को मिलने को लेकर अपना दल प्रमुख और केंद्रीय मंत्री अनुप्रिया पटेल की चर्चित चिट्ठी भी सामने आ चुकी है। उन्होंने भी अधिकारियों की ओर से कार्यकर्ताओं और नेताओं की उपेक्षा का मसला उठाया है।
सरकार और संगठन में कोई मतभेद नहीं- यूपी बीजेपी अध्यक्ष
हालांकि, यूपी भाजपा के अध्यक्ष भूपेंद्र चौधरी ने मंगलवार को दावा किया कि राज्य सरकार और संगठन में किसी तरह के मतभेद नहीं हैं। उन्होंने टीओआई से कहा, 'ये हमारे लिए गर्व की बात है कि सरकार संगठन का एजेंडा आगे बढ़ा रही है....हम साथ में पूरी ताकत आगे का चुनाव लड़ेंगे और जीतेंगे।'












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