कांग्रेसी हैं निर्मला सीतारमण के सास-ससुर, खुद चुना भाजपा का साथ, अनदेखी तस्वीरें
हाल ही में हुए प्रधानमंत्री के कैबिनेट विस्तार में वाणिज्य और उद्योग राज्य मंत्री रहीं निर्मला सीतारमण को सबसे बड़ी जिम्मेदारी दी गई। सरकार ने उन्हें स्वतंत्र प्रभार से सीधा रक्षा मंत्रालय जैसा महत्वपूर्ण मंत्रालय दिया। निर्मला पहली महिला हैं जो फुल टाइम रक्षा मंत्री का पद संभालेंगी। इससे पहले पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी अतिरिक्त प्रभार के साथ इस पद को संभाल चुकी हैं।


जेएनयू से की पढ़ाई
निर्मला सीतारमण तमिलनाडु की रहने वाली हैं। उन्हें इतना महत्वपूर्ण पद देने के पीछे एक मंशा वहां की राजनीति में घुसने की कोशिस भी कही जा रही है। सीतारमण ने तिरुचिरापल्ली के सेठलाक्ष्मी रामास्वामी कॉलेज से बैचलर्स किया है। इसके बाद एमए और एमफिल के लिए सीतारमण ने जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय का रूख किया।

कांग्रेस से विधायक रह चुके हैं सास-ससुर
सीतारमण के राजनीतिक करियर की शुरुआत साल 2006 में हुई जब उन्होंने अपने परिवार की सोच के विरुद्ध भाजपा ज्वाइन की। सीतारमण के सास-ससुर कांग्रेस से विधायक रह चुके हैं। उनके ससुर प्रदेश में मंत्री भी रह चुके हैं।

2010 में बनीं बीजेपी की राष्ट्रीय प्रवक्ता
भाजपा में शामिल होने के बाद सीतारमण ने शांति से अपना काम जारी रखा। जब नितिन गडकरी बीजेपी अध्यक्ष बनाए गए तब उन्होंने सीतारमण को पार्टी का राष्ट्रीय प्रवक्ता बनाया। 2014 के आम चुनाव में भी सीतारमण ने खूब बढ़-चढ़ कर काम किया जिसका फल उन्हें रिजल्ट के बाद मिला।

रक्षा मंत्री बन मिला मेहनत का फल
सीतारमण को वाणिज्य और उद्योग (स्वतंत्र प्रभार) और वित्त और कारपोरेट मामलों का राज्य मंत्री बनाया गया। पिछले साल वो कर्नाटक से सांसद बन राज्य सभा पहुंचीं। कहते हैं काम बोलता है। यही कारण है कि प्रधानमंत्री मोदी ने सीतारमण के काम से खुश होकर उन्हें रक्षा मंत्री जैसा बड़ा कद दिया। सीतारमण 6 सितंबर को अरुण जेटली से रक्षा मंत्रालय का चार्ज लेंगी।












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