'सरकार की फ्री सुविधाओं की जगह सौर ऊर्जा उत्पन्न करें', मंगलुरु में बोले केंद्रीय मंत्री बोले प्रहलाद जोशी
Karnataka News: नवीकरणीय ऊर्जा मंत्री प्रह्लाद जोशी ने कर्नाटक के मंगलुरु में आयोजित एक परामर्श बैठक के दौरान ऊर्जा उत्पादन में आत्मनिर्भरता के महत्व पर जोर दिया। सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना पर चर्चा करते हुए उन्होंने नागरिकों से आग्रह किया कि वे सरकार द्वारा दी जाने वाली मुफ्त सुविधाओं पर निर्भर रहने के बजाय अपनी सौर ऊर्जा उत्पन्न करें।
सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना की विशेषताएं
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा 15 फरवरी 2024 को लॉन्च की गई इस योजना का उद्देश्य छतों पर सौर पैनल स्थापित करने की लागत का 40 प्रतिशत तक सब्सिडी देकर भारतीय घरों को मुफ्त बिजली प्रदान करना है। जोशी ने बताया कि यह योजना न केवल गैर-नवीकरणीय ऊर्जा स्रोतों की निर्भरता कम करेगी। बल्कि दीर्घकालिक पर्यावरणीय और वित्तीय लाभ भी सुनिश्चित करेगी।

कोयला आधारित बिजली और पर्यावरणीय चुनौतियां
कोयला मंत्री के रूप में अपने कार्यकाल को याद करते हुए जोशी ने बताया कि कोयला आधारित बिजली उत्पादन के लिए भारी मात्रा में 2.5 लाख टन कोयले का खनन करना पड़ता है। जिससे बड़े पैमाने पर पर्यावरणीय क्षरण और वित्तीय बोझ बढ़ता है। उन्होंने कहा कि तापीय बिजली की तुलना में सौर ऊर्जा एक स्वच्छ और स्थायी विकल्प है। जिसे अपनाने की जरूरत है।
2050 तक संभावित गर्मी का प्रभाव
वैज्ञानिक आंकड़ों का हवाला देते हुए जोशी ने चेतावनी दी कि अगर वर्तमान ऊर्जा प्रथाएं जारी रही तो 2050 तक पृथ्वी पर गर्मी का स्तर गंभीर रूप से बढ़ सकता है। उन्होंने उदाहरण के तौर पर 2024 में राजस्थान और गुजरात में बढ़ते तापमान का उल्लेख किया। जिससे कार्यबल की थकान और स्वास्थ्य समस्याओं के चलते GDP में 19 प्रतिशत की गिरावट का अनुमान लगाया गया।
सौर ऊर्जा में भारत की प्रगति
भारत ने सौर ऊर्जा उत्पादन में उल्लेखनीय प्रगति की है। एक दशक पहले भारत की सौर ऊर्जा क्षमता 2.3 गीगावाट थी। जो आज 93.5 गीगावाट तक पहुंच गई है। जोशी ने बताया कि भारत के पास 60GW बिजली उत्पादन की स्थापित क्षमता और सालाना 300 धूप वाले दिन हैं। इस क्षमता के साथ पांच सदस्यों वाला एक परिवार अपनी सभी बिजली की जरूरतों को सौर ऊर्जा से पूरा कर सकता है।
नवीकरणीय ऊर्जा के अन्य स्रोतों पर शोध
जोशी ने बताया कि सरकार ज्वारीय, पवन और भूतापीय ऊर्जा जैसे नवीकरणीय ऊर्जा के अन्य स्रोतों को भी बढ़ावा दे रही है। उन्होंने यह भी साझा किया कि सौर ऊर्जा इकाइयों की जीवनकाल अवधि 25 से 40 वर्ष तक बढ़ाने और उनकी स्थापित क्षमता बढ़ाने पर शोध जारी है।
दक्षिण कन्नड़ सांसद का समर्थन
इस बैठक में दक्षिण कन्नड़ के सांसद बृजेश चौटा ने भी भाग लिया और भारत में नवीकरणीय ऊर्जा समाधानों को अपनाने के महत्व पर बल दिया। उन्होंने कहा कि इस दिशा में बढ़ाए गए कदम न केवल पर्यावरण को संरक्षित करेंगे। बल्कि आर्थिक विकास को भी प्रोत्साहित करेंगे।
नवीकरणीय ऊर्जा की ओर कदम बढ़ाने का आह्वान
प्रह्लाद जोशी ने कहा कि सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना जैसी पहलें देश को ऊर्जा आत्मनिर्भर बनाने और पर्यावरण संरक्षण में मदद करेंगी। उन्होंने नागरिकों से इस योजना का लाभ उठाने और सौर ऊर्जा के उपयोग को बढ़ावा देने का आह्वान किया।












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