ओडिशा की पटनायक सरकार पर केंद्रीय मंत्री कर रहे तीखे हमले, क्या भाजपा बदल रही रणनीति?
2024 में लोकसभा चुनाव के अलावा ओडिशा में विधानसभ चुनाव भी होने वाले हैं। जब आम चुनाव और राज्य के विधानसभा चुनाव दोनों में ही कुछ ही महीनों का समय शेष बचा है, इससे पहले भारतीय जनता पार्टी ओडिशा सरकार पर हमलावर मूड में आती नजर आ रही है। भाजपा का ये 'मूड स्विंग' का संकेत पिछले तीन दिनों में तीन केंद्रीय मंत्रियों द्वारा ओडिशा की बीजद सरकार पर एक के बाद एक किए गए तीखे हमलों से नजर आ रहा है।

एक दिन पहले केंद्रीय कपड़ा राज्य मंत्री दर्शना जरदोश ने ओडिशा सरकार पर मेगा टेक्सटाइल पार्क के लिए असहयोग का अरोप लगाया था। वहीं इसके बाद केंद्रीय
जनजातीय शक्ति राज्य मंत्री बिश्वेश्वर टुडू ने राज्य सरकार पर इसी तरह के आरोप लगाए। इससे पहले 28 नवंबर को केंद्रीय मंत्री श्रीपाद नायक ने प्रदीप बंदरगाह के विकास में बाधा डालने का ओडिशा सरकार पर आरोप लगाया था।
अभी जब जब पांच राज्यों में विधानसभा चुनाव के नतीजे 3 दिसंबर को आने वाले हैं, इससे पहले बीजेपी के मंत्रियों की ओर से एक के बाद एक हमले कुछ और ही संकेत दे रहे हैं। केंद्रीय मंत्रियों के अचानक पटनायक सरकार के प्रति तल्ख रवैया से सवाल उठ रहा है कि क्या भाजपा अपनी रणनीति बदल रही?
केंद्रीय जनजातीय कार्य एवं जल शक्ति राज्य मंत्री ने राज्य सरकार पर निशाना साधते कहा था
राज्य सरकार आदिवासियों के विकास के लिए केंद्र को सहयोग नहीं कर रही है। आज तक आदिवासियों के विकास के लिए राज्य सरकार की ओर से कोई प्रस्ताव नहीं दिया गया है और ना तो किसी मंत्री और न ही सरकार के किसी अधिकारी ने आदिवासियों के कल्याण और विकास के बारे में जनजातीय मामलों के मंत्रालय के साथ चर्चा की। इसके साथ उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य सरकार श्रेय लेने के लिए केंद्रीय योजनाओं का नाम बदलकर लोगों को गुमराह कर रही है।












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