'पाकिस्तान के साथ बात तभी होगी, जब गोलियों की आवाज न हो', केंद्रीय मंत्री का महबूबा मुफ्ती को जवाब
'पाकिस्तान के साथ बात तभी होगी, जब गोलियों की आवाज न हो', केंद्रीय मंत्री का महबूबा मुफ्ती को जवाब
नई दिल्ली, 27 मार्च: केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने रविवार (27 मार्च) को कहा कि भारत और पाकिस्तान के बीच बातचीत तभी संभव है, जब गोलियों की आवाज न हो। पीडीपी प्रमुख महबूबा मुफ्ती के भाजपा से पाकिस्तान के साथ बातचीत करने के आह्वान के बारे में पूछे जाने पर केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने कहा, "क्या भाजपा अपने देश के लोगों से या किसी विदेशी भूमि के लोगों से बात करेगी? ... बातचीत केवल तभी सकती है जब बंदूक और गोलियों की कोई आवाज न हो।''

केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने ये भी कहा, ''आज एक स्कूल का नाम टीका लाल टपलू के नाम पर रखा गया है। वह हमारे लिए सिर्फ इसलिए सम्मानित नहीं थे क्योंकि वह भाजपा अध्यक्ष थे बल्कि इसलिए भी क्योंकि वे कश्मीर की संस्कृति के प्रतीक थे।"'
केंद्रीय मंत्री का यह बयान तब आया है जब पीडीपी प्रमुख महबूबा मुफ्ती ने पाकिस्तान और जम्मू-कश्मीर के लोगों के साथ बातचीत के लिए भाजपा सरकार से अपने आह्वान को दोहराया और कहा कि जब तक कश्मीर का मसला अनसुलझा रहेगा तब तक यहां शांति नहीं बनी रहेगी।
कश्मीर घाटी में कार्यकर्ताओं के सम्मेलन को संबोधित करते हुए महबूबा मुफ्ती ने कहा था कि कश्मीर पिछले 70 सालों से समाधान का इंतजार कर रहा है, जब तक कश्मीर मुद्दा हल नहीं हो जाता, तब तक इस क्षेत्र में कोई शांति नहीं होगी और इसके लिए पाकिस्तान और जम्मू के लोगों के साथ बातचीत करनी होगी। कश्मीर के लिए ये बहुत जरूरी है।
पीडीपी प्रमुख महबूबा मुफ्ती ने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी दोनों ने पाकिस्तान का दौरा किया, लेकिन फिर भी जब पीडीपी पड़ोसी देश के साथ बातचीत करने की बात करती है तो भाजपा परेशान हो जाती है। पिछले साल महबूबा मुफ्ती ने केंद्र से अनुच्छेद 370 को बहाल करने और कश्मीर मुद्दे को हल करने के लिए कहा था। उन्होंने कहा था कि लोग अपनी पहचान और सम्मान की वापसी चाहते हैं और वह भी ब्याज सहित।












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