केंद्र सरकार ने जारी किया CAA के नियमों का नोटिफिकेशन, गैर मुस्लिमों को भारत में मिलेगी शरण

Centre To Notify CAA Rules, केंद्र सरकार आगामी लोकसभा चुनाव की तारीखों के ऐलान से पहले सीएए को देश में लागू कर दिया। गृह मंत्रालय आज शाम सीएए के नियमों का नोटिफिकेशन जारी कर दिया। चुनावों से पहले इसका ऐलान मोदी सरकार के मास्टर स्ट्रोक के तौर पर देखा जा रहा है।

गृह मंत्री अमित शाह हाल ही के दिनों में अपने चुनावी भाषणों में कई बार नागरिकता संशोधन कानून या सीएए को लागू करने की बात कर चुके हैं। उन्होंने ऐलान किया था कि लोकसभा चुनाव से पहले इसे लागू कर दिया जाएगा।

Union Home Ministry is likely to notify Citizenship Amendment Act CAA rules by today Sources

नागरिकता संशोधन अधिनियम के नियमों के तहत भारत के तीन मुस्लिम पड़ोसी देश पाकिस्तान, अफगानिस्तान और बांग्लादेश से आए गैर मुस्लिम प्रवासी लोगों को भारत की नागरिकता दी जाएगी। इन छह समुदायों में हिंदू, ईसाई, सिख, जैन, बौद्ध और पारसी शामिल हैं।

केंद्र सरकार ने सीएए से संबंधित एक वेब पोर्टल तैयार किया है. तीन मुस्लिम बहुल पड़ोसी मुल्कों से आने वाले वहां के अल्पसंख्यकों को इस पोर्टल पर अपना रजिस्ट्रेशन कराना होगा और सरकारी जांच पड़ताल के बाद उन्हें कानून के तहत नागरिकता दी जाएगी।

पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने सीएए लागू करने को लेकर केंद्र सरकार पर जोरदार हमला बोला है। ममता बनर्जी ने कहा कि पहले मुझे नियमों को देखने दीजिए। अधिसूचना अभी तक जारी नहीं की गई है। अगर लोगों को नियमों के तहत उनके अधिकारों से वंचित किया जाता है, तो हम इसके खिलाफ लड़ेंगे।" यह चुनाव के लिए बीजेपी का प्रचार है और कुछ नहीं है।

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता जयराम रमेश ने सोशल मीडिया पर लिखा है कि मोदी सरकार जानबूझकर चुनाव से पहले सीएए लेकर आई है। उन्होंने ट्वीट किया, "दिसंबर 2019 में संसद द्वारा पारित नागरिकता संशोधन अधिनियम के नियमों को अधिसूचित करने में मोदी सरकार को चार साल और तीन महीने लग गए। प्रधानमंत्री दावा करते हैं कि उनकी सरकार बिल्कुल प्रोफेशनल ढंग से और समयबद्ध तरीक़े से काम करती है। सीएए के नियमों को अधिसूचित करने में लिया गया इतना समय प्रधानमंत्री के सफ़ेद झूठ की एक और झलक है।

नागरिकता संशोधन कानून की अधिसूचना जारी करने पर शिवसेना(UBT) सांसद संजय राउत ने कहा, "...ये उनका(भाजपा) आखिरी खेल चल रहा है। चलने दो, लागू होने दो... वे लोग ये खेल करते रहते हैं... जब तक चुनाव है तब तक वे CAA-CAA खेलेंगे, खेलने दो।

बता दें कि 2019 में नरेंद्र मोदी की अगुवाई वाली केंद्र सरकार ने नागरिकता कानून में संशोधन किया था। इसमें मुस्लिम समुदाय को छोड़कर तीन मुस्लिम बहुल पड़ोसी मुल्कों अफगानिस्तान, पाकिस्तान और बांग्लादेश से 31 दिसंबर 2014 से पहले आने वाले छह अल्पसंख्यकों (हिंदू, ईसाई, सिख, जैन, बौद्ध और पारसी) को भारत की नागरिकता देने का प्रावधान किया गया था।

इस कानून के खिलाफ देश में कई जगहों पर भारी विरोध प्रदर्शन देखने को मिले थे। लेकिन अब सरकार पांच साल के बाद इस कानून को लागू करने जा रही है। सूत्रों का कहना है कि गृह मंत्रालय की तरफ से इसे लागू करने की तैयारियां पूरी कर ली गई हैं और अब इसका आज रात आठ बजे नोटिफिकेशन जारी हो सकता है।

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