केंद्र ने जम्मू-कश्मीर आरक्षण विधेयक में संशोधन को दी मंजूरी, गरीब तबके को मिलेगा 10 फीसदी कोटा
नई दिल्ली। केंद्रीय कैबिनेट ने बुधवार को जम्मू और कश्मीर आरक्षण (दूसरे संशोधन) विधेयक, 2019 को मंजूरी दे दी है। जिसके बाद से अब राज्य में शैक्षणिक संस्थानों और सरकारी कार्यालयों में गरीबों के लिए 10 प्रतिशत आरक्षण का रास्ता साफ हो गया है। यह आरक्षण आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (ईडब्ल्यूएस) के लिए 10 प्रतिशत कोटा जम्मू और कश्मीर में मौजूदा आरक्षण के अतिरिक्त होगा।

बता दें कि जनवरी में, केंद्र ने जम्मू-कश्मीर में सरकारी नौकरियों और उच्च शिक्षा संस्थानों में सीधी भर्ती के लिए आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों को 10 प्रतिशत आरक्षण प्रदान करने के लिए एक संवैधानिक संशोधन को मंजूरी दी थी। 10 प्रतिशत आरक्षम का यह कोटा 50 प्रतिशत आरक्षण से उपर है। केंद्र ने 8 लाख रुपए से कम वार्षिक आय वाले लोगों को आर्थिक रूप से कमजोर परिभाषित किया है।
बता दें कि सुप्रीम कोर्ट ने पहले आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के लोगों को नौकरियों और दाखिले में 10 प्रतिशत कोटा देने के केंद्र के फैसले पर रोक लगाने से इनकार कर दिया था। हालांकि अदालत याचिका पर केंद्र को नोटिस जारी करते हुए कानून की वैधता की जांच करने के लिए सहमत हो गई थी। बता दें कि जम्मू-कश्मीर राज्य में 10 प्रतिशत के आरक्षण देने वाले विधायक को 8 और 9 जनवरी को मंजूरी दे दी थी। इसके बाद राष्ट्रपति राम नाथ कोविंद ने हस्ताक्षर भर कर दिए हैं।
केंद्रीय मंत्रिमंडल ने चिट फंड्स (संशोधन) विधेयक, 2019 को संसद में पेश करने की मंजूरी दे दी है। इसके अलावा केंद्रीय कैबिनेट ने भारत द्वारा मध्यस्थता के परिणामस्वरूप अंतर्राष्ट्रीय निपटान समझौतों पर संयुक्त राष्ट्र सम्मेलन पर हस्ताक्षर करने को भी मंजूरी दे दी है। सरकार का यह कदम विदेशी निवेशकों के लिए एक सकारात्मक कदम बताया जा रहा है।
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