जीएसटी की वजह से आम बजट 2018 में दिखेगा ये बदलाव

आम बजट के अमूमन दो हिस्से होते हैं। पहले हिस्से में सरकार विभिन्न योजनाओं या स्कीमों के लिए लिए बजट राशि का आवंटन करती है। वहीं बजट के दूसरे हिस्से में प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष करों के प्रस्ताव की बात होती है

नई दिल्ली। 1 फरवरी 2018 को जब वित्त मंत्री अरुण जेटली लोकसभा में बजट भाषण पढ़ रहे होंगे तो यह उनके मौजूदा कार्यकाल का आखिरी पूर्ण बजट होगा। यह देश में वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) लागू होने के बाद पेश हो रहा पहला आम बजट भी होगा। ऐसे में साफ है 2018 का आम बजट अभी तक पेश हुए बजटों से कई मायनों में अलग होगा। जीएसटी लागू होने के बाद सरकार के पास अप्रत्यक्ष करों में किसी बड़े बदलाव की गुंजाइश नहीं है।

अप्रत्यक्ष करों में कोई बड़ा फेरबदल नहीं होगा

अप्रत्यक्ष करों में कोई बड़ा फेरबदल नहीं होगा

आम बजट के अमूमन दो हिस्से होते हैं। पहले हिस्से में सरकार विभिन्न योजनाओं या स्कीमों के लिए लिए बजट राशि का आवंटन करती है। वहीं बजट के दूसरे हिस्से में प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष करों के प्रस्ताव की बात होती है। अब चूंकि जीएसटी में वैट, एक्साइज ड्यूटी, सर्विस टैक्स समेत एक दर्जन से ज्यादा अप्रत्यक्ष कर शामिल हो गए हैं तो सरकार के पास इनमें फेरबदल की गुंजाइश नहीं रह जाती, क्योंकि जीएसटी अब एक अलग कानून है और जीएसटी की दरों में बदलाव के लिए काउंसिल की मंजूरी जरूरी है। ऐसी स्थिती में सरकार के पास या तो जीएसटी से बाहर छूटे टैक्स कस्टम ड्यूटी आदि में कुछ बदलाव करने की गुंजाइश बचती है या फिर तंबाकू, पेट्रोल डीजल समेत ऐसी चीजें जो अभी जीएसटी के दायरे में नहीं हैं, उनमें कुछ बदलाव हो सकते हैं।

सस्ता महंगा फैक्टर इस बार के बजट में कम दिखेगा

सस्ता महंगा फैक्टर इस बार के बजट में कम दिखेगा

आमतौर पर बजट के बाद ज्यादातर लोगों की यह जिज्ञासा रहती है कि बजट के असर से कौन कौन सी चीजें सस्ती और महंगी हुईं। यह सस्ते महंगे की मूल वजह दरअसल अप्रत्यक्ष करों में बदलाव से जुड़ी होती है। अब चूंकि जीएसटी लागू होने बाद ज्यादातर अप्रत्यक्ष करों में बदलाव की गुंजाइश खत्म हो गई है इसलिए सस्ता महंगा फैक्टर इस बार के बजट में कम दिखेगा। इस बार का बजट भाषण भी छोटा हो सकता है।

29 जनवरी से शुरू होगा बजट सत्र, 1 फरवरी को बजट

29 जनवरी से शुरू होगा बजट सत्र, 1 फरवरी को बजट

संसद का बजट सत्र इस बार 29 जनवरी से 9 फरवरी तक और 5 मार्च से 6 अप्रैल तक चलेगा। बजट सत्र दो भागों में बुलाया जाएगा। बजट का पहला सेशन 29 जनवरी से 9 फरवरी तक चलेगा। 1 फरवरी को वित्त मंत्री अरुण जेटली साल 2018-19 के वित्तीय वर्ष के लिए बजट पेश करेंगे। बजट का दूसरा सेशन 5 मार्च से 6 अप्रैल तक चलेगा। अब तक सरकार बजट पेश करने की तारीख 28 फरवरी हुआ करती थी और रेल बजट अलग से पेश किया जाता था। पिछले साल रेल और आम बजट को एक साथ पेश करने के बाद अब इस साल आम बजट को भी 1 फरवरी को ही पेश कर दिया जाएगा। मोदी सरकार ने साल 2017 में चलन को बदलते हुए बजट की तारीख 1 फरवरी कर दी और रेल बजट को मुख्य बजट में शामिल कर दिया।

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