आम बजट 2015: भारतीय अर्थव्यवस्था उन्नति के मार्ग पर
नई दिल्ली| शनिवार को मोदी सरकार का बहुप्रतिक्षित बजट पेश हुआ है। वित्त वर्ष 2015-16 के लिए पेश आम बजट में गृह मंत्रालय को 62,124.52 करोड़ रुपये आवंटित किए गए, जो पिछले वर्ष की तुलना में 5,752.07 करोड़ रुपये अधिक है। वित्त मंत्री अरुण जेटली ने लोकसभा में बजट पेश करते हुए कहा कि केंद्र सरकार देश के संपूर्ण विकास के प्रति कटिबद्ध है।
हालांकि इस बजट को मिली-जुली प्रतिक्रिया मिली है, जहां मिडिल क्लास और विरोधी पार्टियां इस बजट की आलोचना कर रहे हैं वहीं दूसरी ओर वित्तीय मामलों के जानकारों को यह बजट काफी सही लग रहा है।
इस बजट पर सबसे दिलचस्प प्रतिक्रिया पूर्व प्रधानमंत्री व मशहूर अर्थशास्त्री मनमोहन सिंह की आयी है जिन्होंने कहा कि केंद्रीय वित्त मंत्री अरुण जेटली के आम बजट के इरादे नेक हैं, लेकिन पर्याप्त रोडमैप का अभाव है।
आईये जानते हैं कि बजट और इंफो-ग्राफिक्स के बारे में ...

जरुरत की कई चीजें मंहगी
आम बजट में जरुरत की कई चीजें मंहगी की गई। हलांकि निर्भया कोष के लिए एक हजार करोड़ रूपये का प्रावधान रखा गया। महिलाओं से संबंधित योजनाओं के लिए बजट में 79,258 करोड़ रूपये का प्रावधान रखा गया है। वहीं 11.5 करोड़ एलपीजी उपभोक्ताओं को सब्सिडी का खाते के जरिये नकद भुगतान का भी प्रावधान दिया गया है।

सहकारी संघवाद
रोजगार सृजन के लिए आयकर अधिनियम की धारा 80 जेजेएए में संशोधन का प्रस्ताव
आयकर अधिनियम की धारा 80 जेजेएए के प्रावधानों में संशोधन का प्रस्ताव, न्यूनतम 100 मजदूरों की पात्रता को घटाकर 50 मजदूर करने का प्रस्ताव

सामाजिक सुरक्षा
विश्व सांस्कृतिक धरोहर स्थलों का जीर्णोंद्धार किया जाएगा
1- पुराने गोवा के गिरिजाघरों और कॉन्वेन्टस
2- हम्पी, कर्नाटक
3- कुम्भलगढ़ और राजस्थान के अन्य किले
4- रानी की वाव, पाटन, गुजरात
5- लेह पैलेस, लद्दाख, जम्मू-कश्मीर
6. वाराणसी मंदिर शहर, उत्तर प्रदेश
7. जलियांवाला बाग, अमृतसर पंजाब
8. कुतुबशाही मकबरा, हैदराबाद, तेलंगानाश्री जेटली ने 43 देशों के यात्रियों को आगमन पर वीजा देने की सुविधा की सफलता के बाद 150 देशों के यात्रियों को यह सुविधा देने का प्रस्ताव किया है।

कारपोरेट टैक्स दर
कारपोरेट टैक्स में कमी होगी और जीएसटी को लागू किया जाएगा
केंद्रीय वित्त मंत्री श्री अरूण जेटली ने कहा है कि कारपोरेट टैक्स दर के अगले 4 वर्षों के दौरान वर्तमान 30 प्रतिशत से घटाकर 25 प्रतिशत करने का प्रावधान है।

स्वरोजगार और प्रतिभा का उपयोग (सेतु) की स्थापना होगी
सेतु एक औद्योगिकीय-वित्तीय उद्भवन होगा और अन्य स्व-रोजगार के क्रियाकलापों, विशेषकर प्रौद्योगिकी प्रेरित क्षेत्रों में व्यवसाय चलाने के सभी पहलुओं की सहायता करने हेतु सहायता कार्यक्रम होगा। इस प्रयोजन के लिए, नीति आयोग में आरंभिक रूप में 1000 करोड़ रुपये निर्धारित किए गए हैं।












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