Uddhav Uniform Civil Code के मुद्दे पर केंद्र सरकार का समर्थन करेंगे! 'शिवसेना' सूत्रों से मिले संकेत
Uddhav Uniform Civil Code के मुद्दे पर केंद्र सरकार का समर्थन कर सकते हैं। उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली 'शिवसेना' के सूत्रों से इस बात के संकेत मिले हैं। रिपोर्ट्स के अनुसार सरकार संसद के मॉनसून सेशन में समान नागरिक संहिता (UCC) का विधेयक पेश कर सकती है।
बता दें कि भाजपा नेता कपिल मिश्रा ने भी संकेत दिए हैं कि आगामी पांच अगस्त के दिन यूनिफॉर्म सिविल कोड (UCC) का बिल संसद में पेश किया जाएगा। उन्होंने अपने ट्वीट में पांच अगस्त के दिन दो ऐतिहासिक घटनाओं- अनुच्छेद 370 निष्प्रभावी बनाना और राम मंदिर के फैसले का भी जिक्र किया है।

यूनिफॉर्म सिविल कोड पर इंडिया टुडे की रिपोर्ट के अनुसार, सूत्रों ने शुक्रवार को बताया कि उद्धव ठाकरे की शिवसेना (यूबीटी- उद्धव बालासाहेब ठाकरे) समान नागरिक संहिता (यूसीसी) के लिए केंद्र सरकार की पहल का समर्थन करेगी।
पार्टी नेता संजय राउत ने कहा कि पार्टी की सोच हमेशा यूसीसी के साथ रही है लेकिन अंतिम निर्णय समान नागरिक संहिता के विधेयक का मसौदा तैयार होने के बाद ही लिया जाएगा।
यूबीटी सेना नेता आनंद दुबे ने कहा कि जब भी विधेयक पेश किया जाएगा, पार्टी इसका समर्थन करेगी। इंडिया टुडे के अनुसार, दुबे ने बताया कि पार्टी के वरिष्ठ नेता तय करेंगे कि वे यूसीसी मुद्दे पर अन्य विपक्षी दलों के साथ कैसे तालमेल बिठाएंगे।
माना जा रहा है कि यूसीसी के लिए उद्धव की शिवसेना ने समर्थन की घोषणा गत 27 जून को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बयान के बाद की है। उन्होंने अपने भाषण में UCC की जोरदार वकालत की।
ये भी बेहद दिलचस्प है कि भाजपा की धुर विरोधी- आम आदमी पार्टी (AAP) ने भी समान नागरिक संहिता के कानून को लेकर अपना "सैद्धांतिक" समर्थन दिया है।
अन्य विपक्षी दलों में राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) ने तटस्थ रुख अपनाया है। शरद पवार की पार्टी ने कहा है कि वह यूसीसी का "न तो समर्थन करती है और न ही विरोध करती है।"
बता दें कि NCP ने महाराष्ट्र में शिवसेना के साथ महा विकास अघाड़ी (MVA) सरकार बनाई थी। बाद में शिवसेना दो फाड़ हो गई और एकनाथ शिंदे की अगुवाई में बगावत कर विधायकों ने भाजपा के समथन वाली सरकार का गठन किया।
बता दें कि समान नागरिक संहिता पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह समेत कई प्रमुख केंद्रीय मंत्रियों के बयान सामने आ चुके हैं। संसद का मॉनसून सत्र जुलाई में शुरू होने वाला है। इन बयानों के आधार पर UCC विधेयक पेश किए जाने पर अटकलें बढ़ गई है।












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