Ujjwala Scheme : सरकार ने स्वीकार किया, 4.13 करोड़ गृहिणियों ने सिलिंडर आज तक नहीं भरवाया
उज्जवला योजना के लाभार्थियों ने बड़ी संख्या में सिलिंडर रिफिल नहीं कराए हैं। खुद केंद्र सरकार ने संसद में एक सवाल के जवाब में ये स्वीकार किया है। ujjwala scheme lpg refill statics rameshwar teli rajya sabha reply
नई दिल्ली, 02 अगस्त : सरकारी दावों में केंद्र या राज्य सरकारों की अनेक योजनाओं की सुनहरी तस्वीरें पेश की जाती रही हैं, लेकिन कई बार हकीकत स्याह होती है। इस मामले में केंद्र सरकार ने बताया है कि उज्जवला स्कीम के तहत करोड़ों लोगों ने एलपीजी सिलिंडर रिफिल नहीं कराए हैं। घरेलू एलपीजी गैस कनेक्शन देने के लिए महत्वाकांक्षी योजना उज्जवला स्कीम के तहत रिफिल न कराने वाले लोगों की संख्या चौंकाने वाली है। संसद में पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस राज्यमंत्री रामेश्वर तेली ने एक सवाल का जवाब देते हुए बताया कि उज्जवला योजना के तहत एलपीजी कनेक्शन लगवाने वाले 4.13 करोड़ लोगों ने एलपीजी सिलेंडर एक बार भी दोबारा रिफिल नहीं करवाया।

4.13 करोड़ लाभार्थी रिफिल नहीं करा सके
गौरतलब है कि अगस्त महीने की पहली तारीख को एलपीजी गैस सिलेंडर की कीमतों में कटौती हुई। इसी बीच सरकार ने संसद के मानसून सत्र में एक लिखित जवाब में बताया कि उज्जवला योजना के 4.13 करोड़ लाभार्थी एक बार भी रसोई गैस सिलेंडर रिफिल नहीं करा सके।

Ujjwala स्कीम में लाभार्थियों को सब्सिडी
प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के तहत लाभार्थियों को सब्सिडी मिल रही है। बाकी एलपीजी उपभोक्ताओं की एलपीजी सब्सिडी खत्म कर दी गई है। इसी बीच सरकार की तरफ से संसद में पेश आंकड़ों से पता चला है कि सब्सिडी मिलने के बावजूद भी करोड़ों लोगों ने गैस सिलेंडर रिफिल ना कराने का विकल्प चुना है।

पेट्रोलियम मंत्रालय ने दी जानकारी
पेट्रोलियम राज्य मंत्री रामेश्वर तेली में राज्य सभा में एक लिखित जवाब में कहा कि 7.67 करोड़ उज्जवला योजना लाभार्थियों ने एक बार सिलेंडर रिफिल कराया। विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने उज्जवला योजना के लाभार्थियों से जुड़ी जानकारी मांगी थी। जवाब में रामेश्वर तेली ने बताया कि वर्ष 2017-18 के बीच 46 लाख उज्जवला योजना के लाभार्थियों ने एक भी सिलेंडर रिफिल नहीं कराया।
यहां पढ़ें पूरा जवाब-

एक बार एलपीजी रिफिल
पेट्रोलियम राज्य मंत्री के अनुसार साल 2018-19 के दौरान 1.24 करोड़, 2019-20 के दौरान 1.41 करोड़, 2020-21 के दौरान 10 लाख और 2021-22 के दौरान 92 लाख लोगों ने एलपीजी सिलिंडर रिफिल नहीं कराए। सरकार का कहना है कि 2018-19 के दौरान 2.90 करोड़ लाभार्थियों ने एक बार एलपीजी रिफिल कराया। 2019-20 में 1.83 करोड़ लोगों ने एक बार रिफिल कराया।

9 करोड़ मुफ्त रसोई गैस कनेक्शन
बता दें कि वर्ष 2020 के अप्रैल महीने तक उज्जवला गैस का सिलेंडर कराने पर गरीब परिवारों को ₹162 की सब्सिडी दी जाती थी। सरकार ने 9 करोड़ मुफ्त रसोई गैस कनेक्शन बांटे हैं। इन सभी लोगों को एलपीजी सब्सिडी के रूप में ₹ 200 दिए जाते हैं। सालाना 12 सिलेंडर पर सब्सिडी देने का नियम 21 मई 2022 से सरकार ने वित्त वर्ष 2022-23 के लिए सरकार ने तय कर दिया है। सरकार उज्जवला योजना के तहत गरीब परिवार की महिलाओं को गैस कनेक्शन देती है। हालांकि, कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में सुदूर गांवों और आदिवासी बहुल राज्यों में गैस कनेक्शन के बदले पैसे मांगे जाने की खबरें भी सामने आ चुकी हैं, ऐसे में जिन 4.13 करोड़ लोगों ने रिफिल नहीं कराए हैं, ये गंभीर मामला है, इससे इनकार नहीं किया जा सकता।












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