उज्जैन में 664 करोड़ से अधिक के विकास कार्यों की सौगात, गीता भवन का भूमि पूजन
मध्य प्रदेश सरकार ने सिंहस्थ की तैयारियों और सांस्कृतिक संवर्धन के अनुरूप, नई राजमार्गों, गीता भवन भूमि पूजा, शहरी नवीनीकरण और किसान कल्याण योजनाओं सहित उज्जैन में 664 करोड़ रुपये के विकास कार्यों की घोषणा की।
उज्जैन में सिंहस्थ को ध्यान में रखते हुए 664 करोड़ से अधिक के विकास कार्यों की सौगात दी गई। इस दौरान मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने 16 निर्माण कार्यों के साथ गीता भवन का भूमि पूजन किया। कार्यक्रम में नगर विकास और अधोसंरचना से जुड़े कई महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट्स की शुरुआत की गई।

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में देश निरंतर प्रगति कर रहा है और मध्यप्रदेश इस विकास यात्रा में सक्रिय रूप से भागीदारी निभा रहा है। उन्होंने बताया कि चैत्र नवरात्रि और गुड़ी पड़वा से पहले उज्जैन को बदनावर से 8 लेन सुपर एक्सप्रेस हाईवे की सौगात मिली है। इसके साथ ही दिल्ली के लिए देवास-इंदौर मार्ग से सीधे गरोठ हाईवे की सुविधा भी उपलब्ध होगी। उन्होंने यह भी जानकारी दी कि 3839 करोड़ की लागत से बनने वाला नेशनल हाईवे गुजरात के द्वारका से असम में चीन सीमा तक जोड़ेगा, जिससे सोमनाथ और उज्जैन के महाकाल मंदिर के बीच सीधा संपर्क स्थापित होगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सिंहस्थ की तैयारियों के लिए 13.50 करोड़ से अधिक के विकास कार्य जारी हैं और वर्ष 2026-27 के लिए 3600 करोड़ रुपए के नए कार्यों का प्रावधान किया गया है। उन्होंने बताया कि इन कार्यों में नए मार्ग, विक्रम आरओबी, सड़क चौड़ीकरण और सीसी रोड निर्माण शामिल हैं। उज्जैन में 77 करोड़ से अधिक की लागत से बनने वाले गीता भवन का भी भूमि पूजन किया गया है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में नगरीय निकायों में गीता भवन, गांवों में आदर्श ग्राम और वृंदावन ग्राम विकसित किए जा रहे हैं।
किसान कल्याण वर्ष 2026 के तहत किए जा रहे कार्यों का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने बताया कि किसानों की आय बढ़ाने और पशुपालन को प्रोत्साहित करने के लिए कई योजनाएं लागू की जा रही हैं। पशुपालन विभाग ने पिछले डेढ़ साल में दूध उत्पादन में 25 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की है, जिससे किसानों को प्रति लीटर 5 से 8 रुपए अधिक मूल्य मिल रहा है। शिक्षा क्षेत्र में भी सुधार किए गए हैं और छात्रों को साइकिल, ड्रेस और किताबें नि:शुल्क उपलब्ध कराई जा रही हैं। मेधावी छात्रों को स्कूटी और लैपटॉप दिए जा रहे हैं। साथ ही, स्कूलों में बच्चों को नि:शुल्क दूध उपलब्ध कराने के लिए माता यशोदा योजना की शुरुआत की गई है।
कार्यक्रम में राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने कहा कि उज्जैन में गीता भवन सहित विभिन्न विकास कार्यों का भूमि पूजन प्रदेश के सांस्कृतिक विकास की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने कहा कि इंदौर और जबलपुर के बाद उज्जैन में बनने वाला गीता भवन भारतीय ज्ञान परंपरा और संस्कृति को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। यह केंद्र युवाओं और शोधार्थियों को भारतीय दर्शन और सांस्कृतिक मूल्यों से जोड़ने का माध्यम बनेगा। उन्होंने कहा कि इन विकास कार्यों से धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा और स्थानीय व्यापार तथा अर्थव्यवस्था को नई गति मिलेगी।












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