Udhampur Crash: मां-बाप के इकलौते बेटे मेजर अनुज का 4 दिन पहले था जन्मदिन, जुलाई में हुई थी सगाई
नई दिल्ली, सितंबर 22: मेजर अनुज राजपूत उन दो पायलटों में से एक थे, जिनकी मंगलवार को जम्मू-कश्मीर के उधमपुर जिले में सेना के एक हेलिकॉप्टर के दुर्घटनाग्रस्त होने से मौत हो गई थी। उन्होंने कुछ दिन पहले ही 18 सितंबर को अपना 27वां जन्मदिन मनाया था और इस साल डेढ़ महीने पहले 23 जुलाई को दिल्ली की एक लड़की से उनकी सगाई हुई थी। मेजर अनुज माता-पिता के इकलौते बेटे थे। मेजर अनुज राजपूत पंचकूला के सेक्टर-20 के रहने वाले थे।

डेढ़ महीने पहले 23 जुलाई को हुई थी सगाई
मेजर अनुज की सगाई हुए भी अभी डेढ़ महीने का समय बीता था। 25 अगस्त को उनकी सगाई दिल्ली में हुई थी। घर में शादी की तैयारियां चल रही थीं।मेजर अनुज की माता ऊषा सेक्टर- 20 के गांव कुंडी के सरकारी स्कूल में टीचर हैं। बेटे की शादी को लेकर घर में खुशी का माहौल था, लेकिन एक हादसे से खुशियां मातम में बदल गईं। जानकारी मिलते ही माता-पिता जम्मू-कश्मीर के लिए रवाना हो गए थे।

घर में चल रही थीं शादी की तैयारियां
उन्होंने अपनी स्कूली शिक्षा चंडीगढ़ में पूरी की और फिर देहरादून में राष्ट्रीय रक्षा अकादमी चले गए। हरियाणा के पंचकूला के रहने वाले अनुज राजपूत के पिता जिला अदालत में वकील हैं और उनकी मां एक सरकारी स्कूल में शिक्षिका हैं। मंगलवार सुबह ही उनकी मां ऊषा आर्य ने अपनी सहेली को बताया था कि फरवरी, 2022 में अनुज की शादी कर दूंगी। लेकिन इससे पहले अनुज की शहादत की खबर आ गई।

माता-पिता पहुंचे जम्मू
हेलीकॉप्टर क्रैश में शहीद मेजर अनुज राजपूत का परिवार पंचकूला के सेक्टर-20 में रहता है। उनकी शहादत की खबर मिलते ही माता-पिता जम्मू-कश्मीर रवाना हो गए। इस खबर से उनकी सोसाइटी में रहने वाले लोगों में शोक की लहर दौड़ गई। लोग उनके फ्लैट में शोक व्यक्त करने पहुंचे, लेकिन घर पर कोई नहीं मिला। बुधवार को अनुज के पार्थिव शरीर को पंचकूला लाया गया।

पहले भी हेलिकॉप्टर दुर्घटना में बाल-बाल बचे थे मेजर अनुज
अनुज के पड़ोसी कैप्टन डीके उप्पल ने बताया कि, अनुज बहुत विनम्र, आज्ञाकारी और प्यारे युवा साथी थे। हमने उसके जैसा बच्चा कभी नहीं देखा था। पायलटों के परिवार से आने वाले मेजर राजपूत को छोटी उम्र से ही उड़ने का शौक था। वह केवल 18 वर्ष के थे जब वह एनडीए में शामिल हुए और एक कमीशन अधिकारी बने। डेढ़ महीने पहले ही उन्हें मेजर के पद पर पदोन्नत किया गया था। सेवा के दौरान उन्हें कई पुरस्कार मिले। कैप्टन उप्पल ने खुलासा किया कि मेजर राजपूत करीब एक साल पहले एक और दुर्घटना में बाल-बाल बचे थे। एक चीता हेलीकॉप्टर एक हाई-वोल्टेज तार में फंस गया था। अनुज भाग्यशाली था क्योंकि मरम्मत कार्यों के कारण उस समय बिजली बंद कर दी गई थी। अफसोस की बात है कि वह इस दुर्घटना से बच नहीं सके।

खराब मौसम के चलते हुए ये हादसा
बता दें कि जम्मू-कश्मीर के पटनीटॉप इलाके के पास सेना का एक चीता हेलिकॉप्टर खराब मौसम के कारण क्रैश हो गया। जिसमें पायलट और को-पायलट की मौत हो गई। मृतक जवानों की पहचान मेजर रोहित कुमार और मेजर अनुज राजपूत के तौर पर हुई। हेलिकॉप्टर ने नगरोटा इलाके से उड़ान भरी थी। यह हादसा सुबह 10.30 से 10.45 बजे के बीच पटनीटॉप एरिया के शिवगढ़ धार में हुआ। दोनों पायलट ट्रेनिंग पर थे। चीता हेलिकॉप्टर रूटीन उड़ान पर था, जिसे आर्मी के दो मेजर उड़ा रहे थे। इसी दौरान मौसम खराब होने के कारण फोर्स लैंडिंग करनी पड़ी और हेलिकॉप्टर क्रैश हो गया।












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