सियासी खानदान के इस बेटे को हुई थी बहन की सहेली से मोहब्बत, इश्क ने बना दिया फोटोग्राफर से राजनेता
Uddhav Thackeray and Rashmi Thackeray Love Story hindi: शिवसेना (यूबीटी) के अध्यक्ष और महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे का आज जन्मदिन है। उद्धव ठाकरे महाराष्ट़्र की सियासत में बहुत बड़ा स्थान रखते हैं और जिनके बिना इस राज्य की सियासी तस्वीर पूरी नहीं होती है।

ठाकरे खानदान के बेटे और पूर्व सीएम उद्धव ठाकरे को अपने उम्र के 40 बरस तक ना तो राजनीति में दिलचस्पी थी और ना ही सियासी बातें उन्हें समझ में आती थीं, यहां तक कि उस वक्त उनको देखकर कभी कोई सोच भी सकता था कि एक दिन ये राज्य के सीएम बन जाएंगे।
नॉवेल की प्रेमकथा की तरह है ठाकरे की लवस्टोरी
उनके पिता बालासाहेब ठाकरे एक कद्दावर नेता रहे हैं, जिनकी विपक्ष भी इज्जत करता था लेकिन उनके इस बेटे को पहले लेखन और फोटोग्राफी से लगाव था। दिल से बेहद इमोशनल उद्धव ठाकरे की लवस्टोरी भी बिल्कुल नॉवेल की प्रेमकथा की तरह है। दरअसल उनकी पत्नी रश्मि ठाकरे एक मध्यमवर्गीय परिवार की खूबसूरत, संस्कारी, आत्मनिर्भर, समझदार और टैलेंटड महिला रही हैं।
राज ठाकरे की बहन जयजयवंती से थी रश्मि की दोस्ती
जब वो वह मुंबई स्थित जेजे स्कूल ऑफ आर्ट्स में पढ़ाई करती थी तो उसी दौरान वो जीवन बीमा निगम में कॉन्ट्रैक्ट कर्मचारी के तौर पर भी काम करती थीं और इसी दौरान उनकी मित्रता उद्धव ठाकरे के चचेरे भाई राज ठाकरे की बहन जयजयवंती से हो गई, दोनों काफी अच्छी सहेली बन गईं।
पहली मुलाकात में ही उद्धव को भा गई थीं स्मिता ठाकरे
और तब राज ठाकरे अपने काका बाला साहेब के काफी करीबी माने जाते हैं, इस दौरान कई बार रश्मि ठाकरे का उद्धव के घर आना-जाना भी होता था और एक दिन उन्हीं के घर पर उनकी मुलाकात उद्धव से हुई। कहते हैं कि पहली नजर में ही उद्धव उनसे बहुत प्रभावित हो गए थे और फिर शुरू हुआ दोनों के बीच बातों और दोस्ती का सिलसिला जो कि आगे चलकर प्रेम में बदल गया।
उस वक्त उद्धव ठाकरे एक फोटोग्राफर थे
पहले तो दोनों की शादी के लिए ठाकरे परिवार तैयार नहीं था लेकिन बाद नें उसने बेटे की पसंद के आगे हार मान ली और इसके बाद उद्धव और रश्मि ने 13 दिसंबर, 1988 को परिवार वालों की रजामंदी से शादी कर ली। उस वक्त उद्धव ठाकरे एक फोटोग्राफर थे और एक एडवरटाइजिंग एजेंसी चलाते थे।
बाला साहेब भी थे स्मिता ठाकरे से काफी प्रभावित
माना जाता है कि रश्मि की प्रतिभा से बाला साहेब भी काफी प्रभावित थे, शादी के बाद उन्होंने रश्मि के गुणों को पहचाना था और धीरे-धीरे रश्मि ने सभी के दिल में जगह बना ली और यहां तक कि उन्होंने उद्धव को भी राजनीति में आने के लिए भी मना लिया।
उद्दव के साथ हर पल साए की तरह साथ रहती हैं रश्मि
धीरे-धीरे उनका पार्टी के कामों में भी भागेदारी बढ़ने लग गई। उन्हें भी लिखने-पढ़ने का बहुत शौक हैं, वो मराठी समाचार पत्र 'सामना' की संपादक हैं। इस पावर कपल को शादी से दो बेटे-आदित्य और तेजस हैं। आदित्य ठाकरे को भी राजनीति में लाने का श्रेय भी उन्हीं को ही जाता है। फिलहाल उद्धव ठाकरे सत्ता में हों ना हों, रश्मि ठाकरे उनकी परछाई बनकर हर कदम उनके साथ रहती है, ये दोनों सियासी गलियारे के सशक्त कपल में से एक हैं।












Click it and Unblock the Notifications