अस्पताल में टिक टॉक पर दो डॉक्टरों ने बनाया VIDEO, वायरल होने पर हुई ये कार्रवाई
नई दिल्ली। टिक टॉक पर वीडियो बनाने के चक्कर में बवाल होने से लेकर मौत तक के कई मामले सामने आ चुके हैं। हालिया मामले में इसके चलते हैदराबाद के गांधी सरकारी अस्पताल में दो जूनियर डॉक्टर इसी के चलते सस्पेंड हो गए। खबर के अनुसार दोनों इंटर्न थे और अस्पताल में फिजियोथेरेपी का प्रशिक्षण ले रहे थे। दोनों ने काम के दौरान अस्पताल में ही एक टिक टॉक वीडियो बनाया जो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। इसके बाद इसपर कार्रवाई की मांग उठने लगी।

वापस कॉलेज भेजे गए दोनों इंटर्न
अस्पताल के एक अधिकारी ने बताया कि घटना के सामने आने के बाद से दोनों जूनियर डॉक्टरों को वापस उनके कॉलेज भेज दिया गया है। सस्पेंड हुए छात्र का नाम श्याम मिल्टन जबकि छात्रा का नाम वीणा कुमारी है। खबर है कि दोनों अस्पताल में मरीजों की अनुपस्थिति में कुल 4 वीडियो बनाए। साथ ही अस्पताल के अन्य सुप्रीटेंडेट भी अनुपस्थित थे। 6 महीने की इंटर्नशिप के लिए आए छात्रों को 3 महीने के भीतर ही वापस जाना पड़ा।

टिक टॉक के चलते पुलिस अधिकारी हुई थी सस्पेंड
बता दें कि इससे पहले हाल ही में गुजरात के मेहसाणा जिले में भी कुछ ऐसा ही हुआ था। यहां अर्पिता नाम की एक महिला पुलिसकर्मी को थाने के भीतर डांस करके टिक टॉक वीडियो बनाने के लिए सस्पेंड कर दिया गया था। वीडियो में महिला पुलिस कर्मी लॉकअप के बाहर डांस करती दिख रही थी। इस वीडियो को वायरल होने के बाद प्रशासन हरकत में आया और डिप्टी सुपरिटेंडेंट मनजीता वंजारा ने मामले की जांच के आदेश दिए। इसके बाद अर्पिता को सस्पेंड कर दिया गया।

PUBG के चलते गंवाई जान
टिक टॉक की तरह ऑनलाइन गेम पब्जी ने भी युवाओं की जिंदगी पर मानो कब्जा सा कर लिया है। हाल ही में तेलंगाना के जगतियाल में एक अनोखी घटना सामने आई। दरअसल यहां एक 20 साल का छात्र लगातार 45 दिनों तक ऑनलाइन गेम पबजी खेलता रहा। इसके चलते उसकी गर्दन में तेज दर्द उठा और अस्पताल में इलाज के दौरान उसने दम तोड़ दिया। बता दें कि पबजी जैसे कई ऑनलाइन गेम इन दिनों न सिर्फ बच्चों बल्कि बड़ों के लिए भी खतरनाक होते जा रहे हैं।
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