ट्विटर पर कोरोना से जुड़ी गलत जानकारी के नीचे अब नहीं लिखा होगा भ्रामक, एक्सपर्ट ने जाहिर की चिंता
ट्विटर ने कोरोना को लेकर अपनी नीति को वापस ले लिया है। दरअसल कोरोना काल में ट्विटर ने कोरोना से जुड़ी किसी भी भ्रामक जानकारी के नीचे भ्रामक लिखने का फैसला लिया था। लेकिन अब कंपनी ने अपनी इस नीति को वापस ले लिया है।
ट्विटर ने कोरोना को लेकर भ्रामक जानकारी को साझा करने की अपनी नीति को वापस ले लिया है। ट्विटर के इस फैसले पर हेल्थ एक्सपर्ट, मीडिया एक्सपर्ट्स ने चिंता जाहिर की है। विशेषज्ञों का कहना है कि कोरोना अभी भी फैल रहा है। दरअसल ट्विटर ने कोरोना से जुड़ी जानकारी को लेकर एक नीति बनाई थी, जिसके तहत अगर कोई भी व्यक्ति ट्विटर पर कोरोना को लेकर गलत या भ्रामक जानकारी साझा करता था तो उसके नीचे भ्रामक लिखकर आता था, लेकिन अब ट्विटर ने अपनी इस नीति को वापस ले लिया है। ट्विटर की इस नीति में बदलाव की सक्रिय ट्विटर यूजर्स ने पकड़ लिया। इस बाबत ट्विटर की ओर से इस बाबत जानकारी दी गई है कि 23 नवंबर 2022 से कोविड संबंधित भ्रामक जानकारी की नीति को वापस ले लिया है।

डॉक्टर साइमन गोल्ड जोकि जानीमानी फिजिशियन हैं उन्होंने ट्वीट करके लिखा, ट्विटर ने कोविड से जुड़ी भ्रामक जानकारी को लेकर अपनी नीति को 23 नवंबर से रोक दिया है। अभिव्यक्ति की आजादी और मेडिकल फ्रीडम की जीत! ट्विटर के इस फैसले के बाद अब कोविड से जुड़ी गलत जानकारी को हटाया नहीं जाएगा। कोरोना वैक्सीन की सुरक्षा और इससे जुड़े दावों को अब ट्वीट किया जा सकता है। लेकिन स्वास्थ्य अधिकारियों का कहना है कि इससे लोग वायरस के बारे में गलत दावे कर सकते हैं, जिससे वैक्सीन की क्या सुरक्षा और प्रभाव पर असर पड़ सकता है।
एपिडेमोलॉजिस्ट एरिक फेगल डिंग ने ट्वीट करके लिखा, यह बुरी खबर है, ट्विटर ने अपनी मिसलीडिंग नीति को बदल दिया है। 11 हजार ट्विटर अकाउंट जिन्हें सस्पेंड किया गया था, वह अब इस पॉलिसी के खत्म होने से फिर से सक्रिय हो जाएंगे। वहीं मंगलवार को ट्विटर के सीईओ एलन मस्क ने आरोप लगाया कि एप्पल ने धमकी दी है कि वह ट्विटर एप को स्टोर से हटा देगा। मस्क ने कहा कि एप्पल ट्विटर पर दबाव डाल रहा है कि वह कंटेंट में बदलाव करे। एप्पल को यह बताना चाहिए कि आखिर वह क्यों ऐसा कर रहे हैं।












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