रविशंकर प्रसाद 31 दिसंबर को राज्यसभा में पेश करेंगे तीन तलाक बिल
नई दिल्ली। एक साथ तीन तलाक (तलाक-ए-बिद्दत) की प्रथा पर रोक के लिए लाए गए मुस्लिम महिला विवाह अधिकार संरक्षण विधेयक 2018 को 31 दिसंबर को राज्यसभा में पेश किया जाएगा। केंद्रीय कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद बिल को रखेंगे। ट्रिपल तलाक विधेयक 27 दिसंबर को लोकसभा से पारित हो गया है। 31 दिसंबर को ये बिल राज्यसभा से भी पास हो गया तो फिर इसे राष्ट्रपति के पास भेजा जाएगा और राष्ट्रपति से इजाजत के बाद ये कानून की शक्ल ले लेगा।

27 दिसंबर को विपक्ष के भारी एतराज के बावजूद ट्रिपल तलाक विधेयक को लोकसभा में बहुमत के साथ पारित हो गया। संसद के शीतकालीन सत्र के 10वें दिन लोकसभा में कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद ने मुस्लिम महिला विवाह अधिकार संरक्षण विधेयक 2018 पेश किया। सदन में विधेयक के पक्ष में 245 और विरोध में 11 वोट पड़े।
लोकसभा में कांग्रेस, एआईएडीएमके समेत कई विपक्षी दलों ने तीन तलाक बिल के खिलाफ सदन से वॉकआउट किया। जिसके बाद सरकार को इस बिल को पास कराने में कोई परेशानी नहीं हुई। विपक्ष की मांग थी कि बिल को ज्वाइंट सेलेक्ट कमेटी को भेजा जाए और इसमें कुछ बदवाल किए जाएं।
राज्यसभा में सरकार के लिए ये बिल पास कराना आसान नहीं होगा। राज्यसभा में यूपीए के 112 सदस्य हैं जबकि एनडीए के पास 93 सदस्य है और एक सीट खाली है। इसके अलावा 39 सांसद ऐसे हैं जिनका यूपीए या एनडीए से संबंध नहीं है। 245 सदस्यों वाली राज्यसभा में किसी बिल को पारित कराने के लिए 123 सदस्यों का समर्थन चाहिए, जिसे जुटाना सरकार के लिए आसान नहीं दिख रहा है।












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