ट्रांसजेंडर पायलट एडम हैरी को विमान उड़ाने से क्यों रोका गया, अब DGCA ने बयान जारी करके बताया नियम

नई दिल्ली, 14 जुलाई। डायरेक्टोरेट जनरल ऑफ सिविल एविएशन ने ट्रेनी पायलट को फिर से मेडिकल टेस्ट के लिए आवदेन करने का निर्देश दिया है, जिसके बाद ही उसे कॉमर्शियल फ्लाइट उड़ाने का लाइसेंस दिया जा सकता है। दरअसल ट्रेनी पायलट एडम हैरी ट्रांसजेंडर हैं, इस बात की रिपोर्ट सामने आने के बाद डीजीसीए की ओर से बयान जारी किया गया है। डीजीसीए की ओर से कहा गया है कि मीडिया रिपोर्ट में कहा गया है कि एडम हैरी केरल के ट्रांसजेंडर हैं, उन्हें कॉमर्शियल फ्लाइट का लाइसेंस दिए जाने से इनकार कर दिया गया है, लेकिन यह खबर गलत है।

ट्रांसजेंटर पर विमान उड़ाने की पाबंदी नहीं

ट्रांसजेंटर पर विमान उड़ाने की पाबंदी नहीं

डीजीसीए की ओर से बयान जारी करके कहा गया है कि पायलट का लाइसेंस हासिल करने के लिए ट्रांसजेंडर पर किसी भी तरह की कोई पाबंदी नहीं है। बशर्ते आवेदनकर्ता जरूरी शर्तों पर खरा उतरता हो, उसकी उम्र, शैक्षणिक योग्यता, मेडिकल फिटनेस, अनुभव आदि अगर नियम के अनुसार है तो उसे एयरक्राफ्ट रूल्स 1937 के तहत लाइसेंस दिया जा सकता है। ट्रांसजेंडर व्यक्ति को भी मेडिकल फिटनेस दिया जा सकता है, अगर वह मानसिक तौर पर और शारीरिक तौर पर फिट हैं।

क्यों नहीं मिली अनुमति

क्यों नहीं मिली अनुमति

यही नहीं डीजीसीए की ओर से यह भी कहा गया है कि अगर व्यक्ति ने पुरुष से महिला या महिला से पुरुष में अपना लिंग परिवर्तन कराया है और इसके उसके ऊपर कोई दुष्प्रभाव नहीं हुआ है तो उसे आवेदन करने से नहीं रोका जा सकता है, उसे अयोग्य घोषित नहीं किया जा सकता है। हालांकि हार्मोनल ट्रीटमेंट के दौरान विमान उड़ाने की अनुमति नहीं होगी क्योंकि उसे दवाएं दी गई है, जबतक इन दवाओं का असर रहेगा उसे उड़ान की इजाजत नहीं दी जा सकती है। जबतक व्यक्ति की मानसिक स्थिति ठीक नहीं हो जाती है और दवा का असर खत्म नहीं हो जाता है उड़ान की इजाजत नहीं दी जा सकती है।

 ट्रांसजेंडर मामले में अमेरिकी नियमों का पालन

ट्रांसजेंडर मामले में अमेरिकी नियमों का पालन

डीजीसीए की ओर से कहा गया है कि ट्रांसजेंडर व्यक्तियों के मामले में हम अमेरिकी एविएश एफएए के नियमों का ही पालन करते हैं, जो व्यक्ति हार्मनी थेरेपी से गुजर रहा है, उसका मेडिकल टेस्ट कराया जाता है और उसके बाद ही उसे पायलट का लाइसेंस दिया जाता है। जब एडम हैरी ने जनवरी 2020 में मेडिकल टेस्ट के लिए आवेदन किया था, उसकी मेडिकल रिपोर्ट में यह पाया गया कि वह हार्मोन थेरेपी से गुजर रहा है, उसका जेंडर परिवर्तित का ऑपरेशन हुआ था और यह थेरेपी उस वक्त जारी थी।

6 महीने के लिए अनफिट करार दिए गए थे

6 महीने के लिए अनफिट करार दिए गए थे

रिपोर्ट में कहा गया है कि हैरी का मानसिक स्वास्थ्य रिपोर्ट जो सबमिट किया गया है वह पूरा नहीं था। इसी वजह से उसे मेडिकली अनफिट घोषित किया गया था, उसे 6 महीने के लिए अनफिट करार दिया गया था, हार्मोन थेरेपी पूरी करने के बाद वह फिर से मेडिकल टेस्ट के लिए आवेदन कर सकते हैं। एडम हैरी ने अगस्त 2020 में मेडिकल टेस्ट कराया था, उस वक्त उनकी हार्मोन थेरेपी नहीं चल रही थी और वह शारीरिक तौर पर महिला थीं। इसी वजह से उन्हें मेडिकल सर्टिफिकेट दिया गया था, जोकि 23 अगस्त 2022 तक के लिए ही वैध था। उस वक्त उनका नाम आईएशा टीएस था।

नए नाम से करें आवेदन

नए नाम से करें आवेदन

डीजीसीए की ओर से कहा गया है कि एडम हैरी ने को स्टूडेंट पायलट लाइसेंस नहीं दिया गया था क्योंकि ग्राउंड क्लास के लिए जरूरी उपस्थिति उन्होंने पूरी नहीं की थी। बावजूद इसके एडम हैरी को फिर से मेडिकल टेस्ट कराने के लिए कहा गया है, उन्हें इस बात की जानकारी दी गई है कि वह आइशा टीएस की बजाए एडम हैरी के नाम से फिर से मेडिकल टेस्ट के लिए आवेदन करें, वह eGCA की वेबसाइट पर ट्रांसजेंडर की श्रेणी में अपना आवेदन कर सकते हैं।

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