कहीं इस्तीफे की ये वजह तो नहीं? मनोज सोनी का निकला पूजा खेडकर से कनेक्शन, जानिए पूरा मामला
ट्रेनी आईएएस अधिकारी पूजा खेडकर लगातार विवादों में बनी हुईं हैं। आरोप है कि उन्होंने गलत हैंडिकैप सर्टिफिकट के जरिए आरक्षण हासिल किया और यूपीएससी की परीक्षा में सफलता हासिल की। पूजा खेडकर विवाद के बीच यूपीएससी के चेयरमैन मनोज सोनी ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है।
मनोज सोनी का यह इस्तीफा यूपीएससी द्वारा खेडकर के खिलाफ आपराधिक मामला दर्ज करने के तुरंत बाद आया है। पूजा पर यह मामला सिविल सेवा परीक्षाओं में धोखाधड़ी और अपनी पहचान गलत बताने के आरोप में दर्ज किया गया।

पूजा खेड़कर का लिया था इंटरव्यू
अहम बात है कि पूजा खेडकर का इंटरव्यू मनोज सोनी ने ही लिया था। पूजा खेड़कर का इंटरव्यू 5 सदस्यों के बोर्ड ने लिया था, जिसमे मनोज सोनी भी शामिल थे। बोर्ड ने पूजा को 275 में से 184 अंक दिए थे।
खुद पूजा ने इस बात की जानकारी 29 अप्रैल 2024 को दी थी। उन्होंने बताया था कि 26 अप्रैल 2023 को उनका इंटरव्यू हुआ था, जिसमे चेयरमैन मनोज सोनी भी शामिल थे।
पूछे गए थे ये सवाल
जानकारी के अनुसार पूजा इंटरव्यू लिस्ट में छठे नंबर पर थीं। उनसे इंटरव्यू के दौरान भारत के युवाओं की समस्या, इस समस्या के मूल में क्या है,क्या ये आपस में जुड़ी हैं, क्या भारत 20-30 वर्षों में इन समस्याओं का हल नहीं कर पाया है, जैसे सवाल पूछे गए थे।
मनोज सोनी ने भी पूछा था सवाल
पूजा से मनोज सोनी ने इंटरव्यू के दौरान उनके विविधतापूर्ण डैफ को लेकर भी सवाल किया था। पूजा ने बताया था कि इंटरव्यू के दौरान मनोज सोनी सर ने मेरी सराहना की थी। जिन क्षेत्रों में मैने काम किया था, उसकी सराहना की थी। इसके साथ ही इंटरव्यू खत्म होने पर उन्होंने मुझे शुभकामनाएं दी थीं।
कोई विवादित सवाल नहीं
पूजा ने बताया था कि इंटरव्यू के दौरान अधिकतर चर्चा हुई थी और पूछताछ नहीं हुई थी। ज्यादातर सवालों के जवाब में मनोज सोनी सर अपनी सहमति जताते हुए सिर हिला रहे थे। इस दौरान मुझसे कोई विवादित विषय नहीं पूछा गया और ना ही अंतरराष्ट्रीय संबंधों पर सवाल किए गए।
कांग्रेस ने साधा है निशाना
वहीं मनोज सोनी के इस्तीफे के बाद कांग्रेस के महासचिव जयराम रमेश ने पीएम मोदी पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि 2014 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सत्ता में आने के बाद से भारत में संवैधानिक संस्थाओं का दुरुपयोग किया गया है।
रमेश ने दावा किया कि इन संस्थाओं की पवित्रता और स्वायत्तता से समझौता किया गया है। यही नहीं उन्होंने दावा किया है कि यूपीएससी से जुड़े मौजूदा विवादों के कारण सोनी को बाहर निकाला गया।
बता दें कि मनोज सोनी का कार्यकाल मूल रूप से मई 2029 में समाप्त होने वाला था। जून 2017 में आयोग के सदस्य बनने के बाद उन्होंने मई 2023 में यूपीएससी अध्यक्ष की भूमिका संभाली।
लेकिन अपने कार्यकाल के खत्म होने के 5 वर्ष पहले ही मनोज सोनी ने इस्तीफा दे दिया है। बताया जा रहा है कि सोनी ने आध्यात्मिक गतिविधियों में शामिल होने के लिए यह फैसला लिया है।












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