रेल बजट: रेल किराए में 14.2 फीसदी के साथ माल भाड़े में भी 6.5 फीसदी की बढ़ोतरी

रेलमंत्री सदानंद गौड़ा ने कहा था कि इन मुद्दों पर विचार विमर्श हो रहा है और इस बारे में फैसला शीघ्र ही कर लिया जाएगा। भारी नकदी संकट से जूझ रहे रेल बोर्ड ने यात्री किराये में 14.2 प्रतिशत तथा माल भाड़े में 6.5 प्रतिशत बढ़ोतरी का प्रस्ताव किया था। रेल बजट जुलाई के दूसरे सप्ताह में पेश किए जाने की संभावना है।
प्रधानमंत्री की शपथ लेने के बाद से यह कयास लगाया जाना शुरु कर दिया गया था कि नरेंद्र मोदी की कैबिनेट किस तरह से और कितना रेल किराया बढ़ाएगी। हालांकि विपक्षी पार्टियां मोदी के रेल बजट का विरोध कर रही हैं। बता दें कि बढ़े हुए रेल किराए के दाम शुक्रवार को ही आधी रात से लागू हो जाएंगे।
बढ़े किराए का हाल:
उदाहरण के तौर अब तक दिल्ली से मुंबई के सफर के लिए स्लीपर क्लास में आप 555 रुपये देते आए हैं, लेकिन इसके लिए अब आपको 632 रुपये देने पड़ेंगे। करीब-करीब आपकी जेब को 75 रुपये अधिक निकालने पड़ेंगे। इसी तरह थर्ड एसी में दिल्ली से मुंबई का किराया 1815 रुपये की जगह अब 2073 रुपये देना पड़ेग करीब-करीब 250 रुपये की मार झेलनी पड़ सकती है। एसी-2 में अब तक दिल्ली से मुंबई का किराया 2495 रुपये था जो अब बढ़कर 2849 रुपये हो जाएगा मतलब कि करीब 350 रुपये की मार आपकी जेब पर पड़ेगी।
रेल किराया बढ़ने से लंबित परियोजनाएं होंगी पूरी
इंडियन रेलवे के सूत्रों का कहना है कि इस वक्त रेलवे की लगभग 5 लाख करोड़ की परियोजनाएं फंसी हुई हैं। इसके अलावा सेफ्टी से जुड़े मामलों में काकोदकर कमिटी की रिपोर्ट लागू करने के लिए भी रेलवे को मोटी रकम चाहिए। ऐसे में वित्त मंत्रालय से अगर रेलवे को मदद के रूप में पैसा बढ़ाया भी जाता है तो भी रेलवे के लिए किराया बढ़ाना मजबूरी होगी। रेलवे के सूत्रों के मुताबिक इस वक्त रेलवे को न सिर्फ ट्रैक मजबूत करने हैं बल्कि नई सरकार की महत्वाकांक्षी योजनाओं के लिए भी उसे पैसे की जरूरत होगी। इसके अलावा, मोदी सरकार ने हाई स्पीड ट्रेन चलाने की बाद कही है। इसके लिए भी रेल मंत्रालय को पैसे की जरूरत है।












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