Tomato Story: टमाटर पर चल चुका है मुकदमा, कहलाता था 'पापी फल', जानिए दिलचस्प किस्सा
Tomato Story: देखने में लाल-लाल लेकिन खाने में काफी स्वादिष्ट टमाटर के भाव इस वक्त काफी बढ़े हुए हैं। कई राज्यों में तो इसका रेट दोहरे शतक के करीब है जिसके चलते जो लोग कल तक एक किलो टमाटर खरीदते थे वो आजकल ढाई सौ ग्राम से ही काम चला रहे हैं। दरअसल बारिश की वजह से फसलों को काफी नुकसान पहुंचा है जिसके कारण टमाटर के दाम आसमान छू रहे हैं। फिलहाल जो हालात सामने है उसके मद्देनजर आनो वाले एक महीने में भी इसके दाम बिल्कुल भी कम नहीं होने वाले हैं।

आपको बता दें कि टमाटर एक ऐसी सब्जी है, जो बहुत सारी सब्जियों के साथ मिलाकर बनाई जाती है। इसमें पौष्टिकता के साथ-साथ काफी ब्यूटी एलिमेंट भी हैं,जिसकी वजह से भी ये लोगों को काफी प्रिय है लेकिन क्या आपको पता है कि इसको कभी 'पापी फल' कहा जाता था और यही नहीं इस सब्जी पर अदालत पर केस भी चल चुका है।
'टोमैटिन' नामक टॉक्सिन
दरअसल ये बात साल 1820 के न्यू जर्सी के सेलम की है। जहां पर जॉन गेरार्ड नाम के एक सर्जन थे। History चैनल के मुताबिक गेरार्ड को सब्जियां और फल उगाने का शौक था। उन्होंने ही पहली बार टमाटर को उगाया था लेकिन ये टमाटर उनके लिए मुसीबत बन गया। दरअसल इसके अंदर 'टोमैटिन' नामक टॉक्सिन पाया जाता है जो कि जहरीला माना जाता था, बस इसी बात को लेकर गेरार्ड और उनके टमाटर पर केस कर दिया गया।
टमाटर पर हुआ था मुकदमा
अब गेरार्ड को समझ ही नही आ रहा था कि वो कैसे खुद को और टमाटर, दोनों को बेकसूर साबित करें। तभी उनकी मदद के लिए सामने आए कर्नल रॉबेट गिबट जॉनसन, जिन्होंने दावा किया कि टमाटर जहरीला या जानलेवा नहीं है। कोर्ट ने उनसे कहा कि वो ये साबित करें। जिस पर कर्नल रेडी हो गए।
टमाटर नहीं था 'जहरीला'
वो पेशी वाले दिन एक बहुत बड़ी टोकरी में बहुत सारे टमाटर लेकर पहुंचे। न्यू जर्सी के उस कोर्ट में उस वक्त भारी भीड़ थी। सभी टमाटर पर चल रहे इस अनोखे केस को देखने के लिए उत्सुक थे। इसके बाद कोर्ट में कर्नल ने एक-एक करके टमाटर खाने शुरू किए। सभी को लगा कि वो सुसाइड करने के मूड में हैं। कर्नल ने पूरी टोकरी के टमाटर खा लिए और फिर जज से कहा कि 'मैं एक-दो नहीं बल्कि पूरी टोकरी के टमाटर खाए हैं और मैं पूरी तरह से भला-चंगा हूं, क्या अब भी आपको लगता है कि ये जहरीला होता है?'
'पापी फल' कहलाता था टमाटर
जिस पर जज ने टमाटर पर चल रहे केस को सिरे से खारिज कर दिया और तब से ही टमाटर हर घर की रसोई का अहम हिस्सा हो गया। आपको बता दें कि टमाटर में बहुत ही कम मात्रा में 'टोमैटिन' पाया जाता है, जो कि हानिकारक नहीं है। मालूम हो कि टमाटर को उन दिनों अमेरिका में कुछ लोग 'पापी फल' भी कहते थे क्योंकि ये 'कामोत्तेजना' को बढ़ाता था और इसका रंग लाल था और लाल रंग उन दिनों गुस्से और नफरत का पर्याय माना जाता था।












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