Avani Lekhara : 11 साल की उम्र में हुई थी हादसे की शिकार, जानिए 'गोल्डन गर्ल' अवनि के बारे में खास बातें

नई दिल्ली, 30 अगस्त। आज एक बार फिर से भारत का सीना गर्व से चौड़ा हो गया है क्योंकि आज भारत की 19 साल की बेटी अवनि लखेरा ने टोक्यो पैरालिंपिक शूटिंग में महिलाओं की 10 मीटर एयर राइफल SH1 स्पर्धा में गोल्ड मेडल जीतकर इतिहास रचा है। मालूम हो कि अवनि का ये पहला ओलंपिक है, जिसमें उन्होंने स्वर्णिम इतिहास लिखकर, तिरंगे को इतराने का मौका दिया है। आपको बता दें कि फाइनल में 249.6 का स्कोर हासिल कर अवनि ने गोल्ड मेडल अपने नाम किया है। पैरालिंपक में गोल्ड जीतने वालीं वो पहली भारतीय महिला हैं।

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    11 साल की उम्र में हुई थी हादसे की शिकार

    11 साल की उम्र में हुई थी हादसे की शिकार

    मूलरूप से राजस्थान की रहने वाली अवनि मात्र 11 साल की उम्र में एक भयंकर हादसे की शिकार हुई थीं। गौरतलब है कि साल 2012 में अवनी अपने पिता के साथ कार में कहीं जा रही थीं लेकिन उनकी कार उस वक्त एक एक्सीडेंट की शिकार हो गई। इस भयंकर हादसे में अवनि की जान तो बच गई लेकिन अवनि की रीढ़ की हड्डी (स्पाइनल कोर्ड इंजरी) में चोट आने से उनके पैरों की शक्ति खो गई, जिसके चलते अवनि अब अपने पैरों पर चल नहीं पाती हैं।

    अवनि ने अपनी कमजोरी को अपनी ताकत बना लिया

    अवनि ने अपनी कमजोरी को अपनी ताकत बना लिया

    लेकिन कहते हैं ना कि इंसान के हौसले के आगे सारे दर्द और सारी पीड़ा पीछे रह जाती है और कुछ ऐसा ही हुआ अवनि के साथ, उन्होंने अपने बुलंद इरादों से अपनी कमजोरी को अपनी ताकत बना लिया और आज उसका नतीजा पूरा विश्व देख रहा है।

    लॉ की स्टूडेंट हैं अवनि

    मालूम हो कि राजस्थान के जयपुर में रहने वाली अवनि एथलीट होने के साथ-साथ लॉ की छात्रा हैं और वो इस वक्त जयपुर से ही विधि की पढ़ाई कर रही हैं। अपने पिता की लाडली अवनि ने अपने पापा के ही कहने पर खिलाड़ी बनने का फैसला किया था। बता दें कि अवनि के पिताजी प्रवीण लखेरा रेवेन्यू विभाग में RAS अफसर हैं और इस वक्त श्रीगंगानगर में कार्यरत हैं।

     उधार के राइफल से जीता था सोना

    उधार के राइफल से जीता था सोना

    अवनि शुरुआत में आर्चरी और शूटिंग दोनों किया करती थीं लेकिन फिर धीरे-धीरे उन्हें एहसास हुआ कि वो शूटिंग में अच्छा कर सकती हैं। ओलंपिक गोल्ड मेडलिस्ट अभिनव बिंद्रा को अपना आदर्श मानने वाली अवनी ने जगतपुर स्पोर्ट्स कॉम्पलैक्स में शूटिंग का अभ्यास प्रारंभ किया था। 2015 में अवनि ने स्टेट चैम्पियनशिप में गोल्ड जीता था, खास बात ये है कि उस वक्त अवनि के पास खुद की राइफल भी नहीं थी, उन्होंने इसे अपने कोच से उधार लिया था।

    अवनि लखेरा के शानदार प्रदर्शन से भारत ने जीता सोना

    अवनि लखेरा के शानदार प्रदर्शन से भारत ने जीता सोना

    मालूम हो कि साल 2016 से 2020 के बीच अवनि ने नेशनल शूटिंग चैम्पियनशिप 5 बार सोना अपने नाम किया है तो वहीं यूएई में हुई पैरा शूटिंग वर्ल्ड कप में वो सिल्वर मेडल जीत चुुुकी हैं । अवनि की सफलता पर उनके आइडियल अभिनव बिंद्रा ने भी बधाई दी है। उन्होंने Tweet करके कहा है कि 'गोल्ड है! अवनि लखेरा के शानदार प्रदर्शन से भारत ने निशानेबाजी में पहला पैरालंपिक स्वर्ण पदक जीता, बेहद गर्व! बहुत-बहुत बधाई!'

    PM मोदी ने दी बधाई

    अवनि की सफलता पर आज पूरा देश काफी खुश है। सोशल मीडिया पर पूरा भारत उन्हें सलाम कर रहा है तो वहीं पीएम मोदी ने उन्हें ट्विटर के जरिए बधाई दी है। उन्होंने ट्विटर पर लिखा है कि 'अभूतपूर्व प्रदर्शन अवनि लखेरा,यह आपके मेहनती स्वभाव और शूटिंग के प्रति जुनून के कारण संभव हुआ। आपको स्वर्ण जीतने के लिए बधाई। यह वास्तव में भारतीय खेलों के लिए एक विशेष क्षण है। आपको भविष्य के प्रयासों के लिए शुभकामनाएं।'

     अवनि ने रचा इतिहास

    अवनि ने रचा इतिहास

    मालूम हो कि अवनि ने 621.7 के कुल स्कोर के साथ 7वें स्थान पर रहकर शूटिंग के फाइनल के लिए क्वालीफाई किया था। अपने तीसरे और चौथे प्रयास में 104.9, 104.8 का अच्छा स्कोर दर्ज किया था और 249.6 का स्कोर प्राप्त करके सोना अपने नाम कर लिया।

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