सिमोन बाइल्स: छह ओलंपिक पदक जीतने वाली खिलाड़ी ने क्यों छोड़ा फ़ाइनल
अमेरिकी जिमनास्ट सिमोन बाइल्स की 'अपनी मानसिक सेहत को हर चीज़ पर प्राथमिकता' देने की तारीफ़ हो रही है. बाइल्स टोक्यो ओलंपिक में महिला टीम के फ़ाइनल से अलग हो गई हैं.
अमेरिकी ओलंपिक टीम के प्रमुख, कई जिमनास्ट और दूसरे खेलों से जुड़े लोगों ने खुलकर बाइल्स के फ़ैसले का समर्थन किया है.

अपने वॉल्ट के बाद 24 वर्षीय बाइल्स ये कहते हुए ओलंपिक से अलग हो गईं कि उन्हें अब अपनी मानसिक सेहत पर ध्यान देना है.
फ़ैसले की सराहना
अमेरिकी ओलंपिक और पैरालंपिक समिति की मुख्य कार्यकारी अधिकारी सारा हर्शलैंड ने कहा-हमें आप पर गर्व है.
उन्होंने कहा, "हम हर दूसरी चीज़ पर अपनी मानसिक सेहत को सबसे अधिक महत्व देने के आपके फ़ैसले की सराहना करते हैं और आपके आगे के सफ़र में पूरे सहयोग और अमेरिकी टीम के सभी संसाधनों के समर्थन का भरोसा देते हैं."
अमेरिकी टीम ने साल 2011, 2014, 2015, 2018 और 2019 में वर्ल्ड टाइटल जीता है और लंदन और रियो ओलंपिक में गोल्ड मेडल अपने नाम किया है.
13.766 के अपने ओलंपिक करियर के सबसे कम स्कोर के बाद बाइल्स एरीना से बाहर चली गईं, लेकिन जब उनकी टीम की सहयोगी रजत पदक प्राप्त कर रहीं थीं तो वो उनका समर्थन करने के लिए वापस लौट आईं. इस स्पर्धा में रशियन ओलंपिक समिति की टीम ने स्वर्ण और ब्रिटेन ने कांस्य पदक जीता.
अमेरिकी टीम को स्वर्ण पदक जीतने का सबसे प्रबल दावेदार माना जा रहा था.
बाइल्स ओलंपिक और विश्व कप में 30 बार चैम्पियन रही हैं और उन्हें ओलंपिक इतिहास की सबसे अधिक पदक जीतने वाली एथलीट (पुरुष या महिला) बनने के लिए टोक्यो में चार पदक जीतने थे.
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उन्हें ग्रेटेस्ट ऑफ़ आल टाइम-जीओएटी (अब तक सबसे महान) कहा जाता रहा है.
जमैका की जिमनास्ट दानूसिया फ्रांसिस ने कहा, "मैं आपके बारे में नहीं जानती लेकिन बाइल्स ने सभी को अपनी मानसिक सेहत को हर दूसरी चीज़ पर तरज़ीह देने के लिए प्रेरित किया है. वो एक सच्ची महारानी हैं. वो जीओएटी हैं, कई मायनों में."
'ग्रेटेस्ट ऑफ़ आल टाइम'
2012 की कांस्य पदक विजेता और ब्रिटेन की पूर्व महान जिमनास्ट बेथ ट्वेडल ने बीबीसी वन से कहा, "2013 के बाद से वो हर स्पर्धा में अजेय रही हैं और वो जब भी किसी स्पर्धा में जाती थीं तो सबको लगता था कि वही जीतने वाली हैं, ऐसा संभव है."
उन्होंने कहा, "वो इतनी मज़बूत थीं कि वो ये कह सकीं कि मैं आज ठीक नहीं हूँ और मुझे अपनी टीम के बाक़ी साथियों में भरोसा है. वो आगे आएँगी और अपना रूटीन पूरा करेंगी. हमें ये सुनिश्चित करना होगा कि हर एथलीट की सेहत और सलामती सर्वोपरि है."
फ्रांस की जिमनास्ट मेलेनी डे जीसस डोज़ सैंटोस कहती हैं, "हमने कभी बाइल्स को इस तरह नहीं देखा था. मैं ये कहना चाहूँगी कि ये आसान नहीं है क्योंकि वो बाइल्स हैं और हर किसी की नज़र उन पर है. उन पर भारी मानसिक दबाव होता है."
जापान की जिमनास्ट माई मुराकामी ने कहा, "उनके लिए ये बहुत असामान्य है. लेकिन अगर आप भारी दबाव में होते हैं तो इसका असर आपके शरीर पर पड़ता ही है."
बाइल्स दूसरे पायदान पर रहीं और ये उनका छठा ओलंपिक मेडल था. इसके अलावा वो 2013 से 2019 के बीच 19 वर्ल्ड टाइटल जीत चुकी हैं.
वो टोक्यो ओलंपिक के सभी पाँच फ़ाइनल में अपनी जगह पक्की कर चुकी हैं लेकिन ये स्पष्ट नहीं है कि वो अब आगे हिस्सा लेंगी या नहीं.
बाइल्स ने कहा, "हम देखेंगे कि क्या करना है, हम धीरे-धीरे हालात से निबटेंगे और देखें कि क्या होता है."
20 साल की जोर्डन चाइल्स महिला फ़ाइनल टीम में उनकी जगह उतरेंगी. चाइल्स कहती हैं, "ये बहुत बड़ा निर्णय है. मैं एक बड़ी और महान एथलीट की जगह लेने जा रही हूँ. मैं बहुत ख़ुश है कि मैं ऐसा करने जा रही हूँ."
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"हाँ वो अब तक की सबसे महान हैं (जीओएटी), मैं दुनिया को ये दिखाना चाहती हूँ कि आप ना सिर्फ़ बेमिसाल लोगों की जगह ले सकते हैं बल्कि हम ये काम एक साथ रहकर भी कर सकते हैं."
टीम की सदस्य 18 वर्षीय सुनीसा ली ने कहा, "हम सब बहुत तनाव में थे. ईमानदारी से कहूँ तो उस पल हमें पता नहीं था कि क्या हो रहा है. वो सिमोन बाइल्स हैं. असल में वो ही तो टीम को लेकर चलती हैं."
ओलंपिक एथलीट भी इंसान ही होते हैं
पूर्व ओलंपिक चैंपियन और अमेरिका की रिटायर्ड जिमनास्ट एली रइसमैन कहती हैं, "मेरा जी घबरा रहा है. ये बहुत परेशान करने वाला है. मैं जानती हूँ कि सभी एथलीट अपने पूरे जीवन इसी पल का सपना देखती हैं. मैं बस ये दुआ करती हूँ कि बाइल्स ठीक हों."
वो कहती हैं, "ये दबाव बहुत ज़्यादा होता है, मैं ये देख रही थी कि जैसे-जैसे ओलंपिक नज़दीक आ रहा था, उन पर दबाव बढ़ता जा रहा था, ये बहुत परेशान करने वाला है."
"हमें ये याद रखना चाहिए कि ओलंपिक एथलीट भी इंसान होते हैं और वो अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन दे रहे होते हैं. जब आपका जीवन इतने भारी दबाव में होता है तब आपको उस पल अपने जीवन का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करना होता है."
बाइल्स के लिए दूसरे खेलों और खेल के बाहर की दुनिया से भी समर्थन के संदेश आए.
समर्थन में संदेश
दुनिया के महानतम मुक्केबाज़ों में शामिल मैनी पैचमैन ने कहा, "जो एक बार चैंपियन होता है, हमेशा चैंपियन रहता है."
वहीं दो बार गोल्ड मेडल जीतने वाली अमेरिका की एल्पाइन स्कायर मिकेएला शिफ़रीन ने कहा, "मुस्कुराती रहो क्योंकि तुम्हारी मुस्कान सुनहरी है."
एबीए खिलाड़ी कार्ल एंथोनी टाउंस ने कहा, "आपके लिए सिर्फ़ प्यार और सकारात्मकता."
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वहीं अमेरिका के रिटायर्ड फीगर स्केटर एडम रिपोन ने कहा, "जिस दबाव में सिमोन थीं, मैं उसकी सिर्फ़ कल्पना ही कर सकता हूँ. उसके लिए प्यार भेज रहा हूँ. ये भूल जाना आसान है कि वो भी एक इंसान हैं."
व्हाइट हाउस के प्रेस सचिव जेन साकी ने कहा, "हम सब भाग्यशाली हैं कि हमने उनके प्रदर्शन को देखा है, वो अब भी अब तक की महान खिलाड़ी हैं. वो हमारे प्यार और समर्थन की हक़दार हैं.'
यूनिसेफ़ यूएसए ने एक ट्वीट में कहा, "एक सच्ची रोल मॉडल बनने के लिए और दुनिया को ये दिखाने के लिए आपका शुक्रिया कि अपनी मानसिक सेहत को प्राथमिकता देना कोई ग़लत बात नहीं है."
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