जज ने जूनियर महिला को भेजे अश्लील मैसेज, सुप्रीम कोर्ट ने कहा- आप कैसे...
नई दिल्ली। महिला के साथ अभद्र व्यवहार करने वालों को कानूनी सजा देने वाले जज ने ही एक ऐसी हरकत कर दी कि सुप्रीम कोर्ट खफा हो गया। दरअसल जज साहब अपनी ही एक जूनियर महिला अफसर को व्हाट्सऐप पर आपत्तिजनक मैसेज भेज दिए। इसपर सख्त लहजे में सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि आप कैसे न्यायिक अधिकारी हैं हमें समझ नहीं आ रहा है। सुप्रीम कोर्ट ने मध्य प्रदेश के एक जिला न्यायाधीश के आचरण पर तीखी टिप्पणी व्यक्त की, जिन्होंने एक कनिष्ठ अधिकारी को आपत्तिजनक और अनुचित संदेश भेजे और इस आचरण को महज 'फ्लर्ट' करार दिया।

मध्यप्रदेश के एक पूर्व जिला न्यायाधीश ने एक जूनियर न्यायिक अधिकारी द्वारा लगाए गए यौन उत्पीड़न के आरोपों पर मध्य प्रदेश हाईकोर्ट द्वारा शुरू की गई अनुशासनात्मक कार्रवाई को चुनौती देते हुए शीर्ष अदालत का रुख किया। जानकारी के मुताबिक मध्य प्रदेश हाईकोर्ट का प्रतिनिधित्व कर रहे अधिवक्ता अर्जुन गर्ग के साथ वरिष्ठ अधिवक्ता रवींद्र श्रीवास्तव ने जिला न्यायाधीश की ओर से कनिष्ठ महिला अधिकारी को भेजे गए कई व्हाट्सएप संदेशों को पढ़ा। श्रीवास्तव ने पीठ के समक्ष कहा, "वह एक वरिष्ठ न्यायिक अधिकारी हैं, इसलिए एक महिला अधिकारी के साथ उनका व्यवहार अधिक उपयुक्त होना चाहिए था।"
इससे सहमत होते हुए पीठ ने भी माना कि एक जूनियर अधिकारी के साथ फ्लर्ट करना किसी न्यायाधीश के लिए स्वीकार्य आचरण नहीं है। न्यायमूर्ति एएस बोपन्ना और वी. रामासुब्रमण्यन के साथ ही प्रधान न्यायाधीश एसए बोबडे की अध्यक्षता वाली पीठ ने कहा, "व्हाट्सएप संदेश काफी आक्रामक और अनुचित हैं।












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