Mahua Moitra: लोकसभा सदस्यता से हाथ धो बैठीं महुआ मोइत्रा, पढ़ें कैश फॉर क्वेरी मामले की पूरी टाइमलाइन
Mahua Moitra Expulsion Timeline: तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) की सांसद महुआ मोइत्रा की लोकसभा सदस्य (सांसद) के रूप में पांच साल की यात्रा शुक्रवार को समाप्त हो गई है। महुआ मोइत्रा को कैश फॉर क्वेरी यानी पैसे लेकर सवाल पूछने के मामले में निचले सदन से निष्कासित कर दिया गया है।
पैसों के बदले सवाल के आरोप पर बहस के बाद शुक्रवार को तृणमूल सांसद महुआ मोइत्रा को लोकसभा से निष्कासित कर दिया गया। महुआ मोइत्रा के निष्कासन के पक्ष में मतदान के बाद तृणमूल नेता ने लोकसभा के बाहर अपने बयान में महुआ ने कहा कि एथिक्स कमेटी के पास निष्कासित करने का कोई अधिकार नहीं है। यह बीजेपी के अंत की शुरुआत है।

ऐसे में जानिए क्या है ये पूरा मामला और कब-कब इस मामले में क्या हुआ, पढ़िए पूरी टाइमलाइन
15 अक्टूबर: बीजेपी सांसद निशिकांत दुबे ने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला से महुआ मोइत्रा के खिलाफ शिकायत की। उन्होंने आरोप लगाया कि महुआ ने लोकसभा में अडानी के खिलाफ सवाल पूछने के लिए दर्शन हीरानंदानी से नकदी और गिफ्ट लिए थे।
17 अक्टूबर: लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने निर्देश दिया कि शिकायत को आचार समिति के पास भेजा जाए।
19 अक्टूबर: दर्शन हीरानंदानी ने एक हलफनामा पेश किया कि उन्होंने संसद साइट पर प्रश्न डालने के लिए मोइत्रा के संसद लॉगिन का उपयोग किया।
अक्टूबर का अंतिम हफ्ता: मीडिया को दिए साक्षात्कार में महुआ मोइत्रा ने स्वीकार किया कि उन्होंने हीरानंदानी को अपना संसद लॉगिन और पासवर्ड डिटेल दी था, लेकिन यह प्रश्न अपलोड करने के लिए उनके कार्यालय से मदद लेने के लिए था। मोइत्रा ने कहा सवाल उनके थे और उन्होंने इसके बदले कभी नकद नहीं लिया।
2 नवंबर: महुआ मोइत्रा एथिक्स कमेटी के सामने पेश हुईं। फिर यह आरोप लगाते हुए एथिक्स पैनल की बैठक से बाहर चली गईं कि उनसे निजी सवाल पूछे गए।
9 नवंबर: महुआ मोइत्रा के निलंबन की सिफारिश करने वाली आचार समिति की रिपोर्ट को अपनाया गया।
8 दिसंबर: आचार समिति की रिपोर्ट बहस के लिए लोकसभा में पेश की गई। महुआ मोइत्रा को निष्कासित कर दिया गया।












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