'मुझे बैठाने के चक्कर में, जनता ने BJP के 63 सांसदों को बैठा दिया', महुआ ने गिनाया एक साल में क्या-क्या खोया?
Parliament: संसद सत्र के आज (सोमवार) 6वें दिन सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच जमकर जुबानी जंग हुई। एक के बाद एक दोनों तरफ से आरोप-प्रत्यारोप का सिलसिला जारी रहा। विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने नीट और हिंदू समाज को लेकर बीजेपी पर निशाना साधा।
वहीं, तृणमूल कांग्रेस (TMC) से सांसद महुआ मोइत्रा ने भी केंद्र सरकार को घेरने की कोशिश की।पिछले सत्र में अपने निलंबन का जिक्र करते हुए, मोइत्रा ने कहा कि पिछली बार जब मैं खड़ी हुई थी, तो मुझे बोलने नहीं दिया गया। सत्तारूढ़ दल को एक सांसद की आवाज दबाने की बहुत बड़ी कीमत चुकानी पड़ी है। मुझे बैठाने के चक्कर में, जनता ने बीजेपी के 63 सांसदों को बैठा दिया। मोइत्रा ने यह भी गिनाया की एक साल में क्या-क्या खोया? आइए जानते हैं...

मोइत्रा ने संसद में गिनाया कि मैंने एक साल में बहुत कुछ खोया है। मैंने अपनी सदस्यता खो दी, अपना घर खो दिया, मैंने अपनी यूट्रस सर्जरी को भी खो दिया। मैंने बहुत कुछ खोया लेकिन क्या आप जानते हैं कि मैंने क्या पाया? भय से मुक्ति, हम आपका अंत देखेंगे।
सेंगोल की स्थापना की निंदा की
मोइत्रा ने संसद में सेंगोल की स्थापना की निंदा की और कहा कि यह राजशाही का प्रतीक है, जिसका लोकतंत्र में कोई स्थान नहीं है। मोइत्रा ने यह भी कहा कि बीजेपी की अल्पमत स्थिति के कारण सरकार स्थिर नहीं है और सहयोगी दलों पर निर्भरता के कारण यह किसी भी दिन गिर सकती है।
उन्होंने कहा कि बीजेपी के 'राजतंत्र' को इस देश के 'लोकतंत्र' ने कमजोर कर दिया है। यह कोई स्थिर सरकार नहीं है। यह कई सहयोगियों पर निर्भर है, जिनका यू-टर्न लेने का इतिहास रहा है। हम इस बार 234 योद्धा हैं, जो आग पर चल रहे हैं। आप हमारे साथ पिछली बार जैसा व्यवहार नहीं कर पाएंग, जैसा पिछले सत्र के दौरान किया था।
राष्ट्रपति के अभिभाषण का जिक्र किया
राष्ट्रपति के अभिभाषण का जिक्र करते हुए मोइत्रा ने महत्वपूर्ण मुद्दों को छोड़ देने के लिए मोदी सरकार की आलोचना की। उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति के अभिभाषण में छह विषय हैं। पूर्वोत्तर के लिए बजट में चार गुना वृद्धि की गई है, फिर भी भाषण में 'मणिपुर' शब्द कहीं नहीं है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ने चुनाव प्रचार के दौरान एक बार भी 'मुस्लिम', 'मदरसा', 'मटन', 'मछली' और 'मुजरा' का जिक्र किया, लेकिन 'मणिपुर' का जिक्र नहीं किया। हमें आपसे पूर्व की ओर देखने या पूर्व की ओर काम करने की जरूरत नहीं है। हमें आपसे पूर्व की ओर काम करने और सबसे महत्वपूर्ण बात पूर्व को अपनाने की जरूरत है।
बीजेपी 'अरबपति दादा' बनाने में जुटी
महिला सशक्तिकरण पर सरकार के दावों को चुनौती देते हुए मोइत्रा ने कहा कि यह पूरी तरह झूठ है। आपने संसद में आरक्षण में देरी की, क्योंकि आपको 'नारी शक्ति' से डर लगता है। उन्होंने कहा कि इस बार सिर्फ 74 महिला सांसद हैं, जबकि बीजेपी के पास 240 में से सिर्फ 30 हैं। इसके विपरीत, पिछली बार टीएमसी में 37 फीसदी महिला सांसद थीं और इस बार 38 फीसदी हैं। मोइत्रा ने कहा कि हमने तीन लाख 'लखपति दीदी' को सशक्त बनाया है, जबकि बीजेपी 'अरबपति दादा' बनाने पर ध्यान केंद्रित कर रही है।
अनुच्छेद 370 पर भी उठाए सवाल
टीएमसी सांसद ने जम्मू-कश्मीर में अनुच्छेद 370 को हटाए जाने पर सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि अगर इसे हटाना इतना अच्छा विचार था, तो बीजेपी ने बारामुला, श्रीनगर और अनंतनाग-राजौरी में उम्मीदवार क्यों नहीं खड़े किए? आपने लद्दाख को डाउनग्रेड कर दिया और पांच साल बाद भी वे छठी अनुसूची में शामिल होने का इंतजार कर रहे हैं। नतीजतन, लद्दाखियों ने आपको तीसरे स्थान पर धकेल दिया।












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