Tirupati मंदिर से गैर-हिंदू कर्मचारियों को नौकरी से निकाला जाएगा? अब दर्शन के लिए AI का होगा इस्तेमाल
Tirupati Temple Update News: तिरुमाला तिरुपति देवस्थानम (टीटीडी) बोर्ड ने हाल ही में कई बड़े फैसले किए हैं। इनमें सबसे अहम है कि मंदिर प्रशासन में काम कर रहे गैर-हिंदू कर्मचारियों को हटाने का निर्णय। बोर्ड ने कहा है कि गैर-हिंदू कर्मचारियों की सूची बनाकर उन्हें आंध्र प्रदेश सरकार को सौंपा जाएगा।
टीटीडी बोर्ड के नए अध्यक्ष बीआर नायडू ने कहा कि हम तिरुमाला में गैर-हिंदू कर्मचारियों के मुद्दे पर राज्य सरकार को पत्र लिखेंगे। या तो इन्हें दूसरे विभागों में भेजा जाएगा, या फिर स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति दी जाएगी। चूंकि टीटीडी एक हिंदू धार्मिक संस्था है, मंदिर में गैर-हिंदुओं की नियुक्ति नहीं होनी चाहिए।"

2018 की एक रिपोर्ट के अनुसार, टीटीडी में अन्य धर्मों के करीब 44 कर्मचारी काम कर रहे थे। यह निर्णय मंदिर के हिंदू धार्मिक स्वरूप को बनाए रखने के लिए लिया गया है।
दर्शन में AI का उपयोग
मंदिर में दर्शन के लिए लंबा इंतजार भक्तों के लिए एक बड़ी समस्या रही है। इसे हल करने के लिए, बोर्ड ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का उपयोग करने का फैसला किया है। इसका उद्देश्य दर्शन का समय 30 घंटे से घटाकर 2-3 घंटे करना है। AI भक्तों की भीड़ को नियंत्रित करने और व्यवस्था बेहतर बनाने में मदद करेगा।
प्रसाद में मिलावट और घी की गुणवत्ता
हाल ही में, मंदिर का प्रसिद्ध लड्डू प्रसाद विवादों में रहा। आरोप लगे कि घी में मिलावट की गई थी। टीटीडी ने इस मामले को गंभीरता से लिया और घी की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए एक विशेष समिति बनाई है।
'भगवान के पास केवल हिंदू ही रहें'
उधर, प्रदेश भाजपा अध्यक्ष और केंद्रीय गृह राज्य मंत्री जी किशन रेड्डी ने कहा ने कहा कि टीटीडी का यह निर्णय कि 'भगवान' के पास केवल हिंदू ही रहें, स्वागत योग्य है। पिछले कई दिनों से इसकी मांग हो रही थी। गैर-हिंदुओं को भगवान के पास नहीं होना चाहिए। हम लोगों को नौकरी से नहीं निकालेंगे, उन्हें कहीं और नौकरी देंगे। मैं टीटीडी बोर्ड द्वारा लिए गए निर्णय का स्वागत करता हूं। इसके लिए मैं उनका आभार व्यक्त करता हूं।
अन्य फैसले
- राजनीतिक बयानबाजी पर रोक: मंदिर परिसर में किसी भी प्रकार के राजनीतिक बयान देने पर प्रतिबंध लगा दिया गया है। अगर कोई ऐसा करता है तो उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
- भक्तों की सुविधा: दर्शन में समय और भीड़ प्रबंधन को प्राथमिकता दी जा रही है।
विवाद और राजनीति
हाल ही में आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने आरोप लगाया था कि जगनमोहन रेड्डी की पिछली सरकार के दौरान मंदिर में लड्डू प्रसाद तैयार करने के लिए पशु वसा मिलाए गए घी का इस्तेमाल किया गया। इस मामले को लेकर काफी विवाद हुआ।












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