'हुर्रियत से तीन और संगठनों ने किया खुद को अलग', अमित शाह ने दी अहम जानकारी
जम्मू कश्मीर इस्लामिक पॉलिटिकल पार्टी, जम्मू कश्मीर मुस्लिम डेमोक्रेटिक लीग और कश्मीर फ्रीडम फ्रंट ने अलगाववादी समूह हुर्रियत कॉन्फ्रेंस से नाता तोड़ लिया है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने जम्मू कश्मीर के दौरे के दौरान यह घोषणा की।
शाह ने कहा कि क्षेत्र के 11 संगठनों ने अब खुद को अलगाववाद से दूर कर लिया है, जो भारत के संविधान में बढ़ते भरोसे को दर्शाता है।

एकता के लिए बढ़ता समर्थन
शाह ने इस बात पर जोर दिया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का अखंड भारत का सपना मजबूत हो रहा है। इन समूहों द्वारा हाल ही में लिए गए फैसले राष्ट्रीय एकता के प्रति उनकी प्रतिबद्धता को दर्शाते हैं।
पिछले महीने कई अन्य समूहों ने भी हुर्रियत से नाता तोड़ लिया था। इनमें शाहिद सलीम के नेतृत्व वाली जम्मू-कश्मीर पीपुल्स मूवमेंट, शफी रेशी के नेतृत्व वाली जम्मू-कश्मीर डेमोक्रेटिक पॉलिटिकल मूवमेंट और मोहम्मद शरीफ सरताज के नेतृत्व वाली जम्मू-कश्मीर फ्रीडम मूवमेंट शामिल ह
25 मार्च को जब इन समूहों ने अलग होने की घोषणा की, तो शाह ने कहा था कि मोदी सरकार की नीतियों ने जम्मू-कश्मीर से अलगाववाद को प्रभावी रूप से खत्म कर दिया है। दो दिन बाद हुर्रियत के दो और घटकों- गुलाम नबी सोफी के नेतृत्व वाली जम्मू-कश्मीर तहरीक इस्तेकलाल और गुलाम नबी वार के नेतृत्व वाली जम्मू-कश्मीर तहरीक-ए-इस्तिकामत- ने भी अलग होने की घोषणा की।












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