मणिपुर के बराक नदी में तैरते हुए मिले तीन शव, मचा हड़कंप
मणिपुर में तीन बच्चों और तीन महिलाओं का सैन्य विद्रोहियों ने अपहरण कर लिया था। जिरीबाम जिले में सीआरपीएफ के साथ हुए एनकाउंटर के दौरान इन लोगों को हमलावरों ने बंधक बना लिया था। उसके बाद से इनकी तलाश की जा रही थी। इस बीच एक महिला और दो बच्चों का शव जिरीमुख में बराक नदी में तैरता हुआ मिला है। ऐसे में इस बात को लेकर कयास लगाए जा रहे हैं कि ये शव अपहरण किए गए लोगों का ही हो सकता है।
तलाशी अभियान में लगे अधिकारियों को 15 नवंबर को नदी में तैरते हुए शव मिले। अधिकारियों को सड़ी-गली अवस्था में यह शव मिले हैं। शव को देखकर लगता है कि पीड़ितों की कुछ दिन पहले ही दुखद मौत हो गई थी। अपहरण की जगह के पास शव मिलने से संदेह पैदा हो गया है कि ये लापता व्यक्तियों के शव हो सकते हैं। हालांकि असम के सिलचर मेडिकल कॉलेज में शव परीक्षण पूरा होने के बाद ही इसकी पुष्टि हो पाएगी।

एक सुरक्षाकर्मी ने बताया कि शव रिहाइशी इलाके में पाए गए हैं, शव को सिलच मेडिकल कॉलेज में पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। जबतक अटॉप्सी रिपोर्ट नहीं आ जाती है, यह कह पाना मुश्किल है कि यह उन लोगों के ही शव हैं, जिनका अपहरण किया गया था।
बता दें कि जिन लोगों का अपहरण किया गया है उनमे एक 25 वर्षीय महिला है और उनकी आठ माह की बेटी है, दो वर्ष का बेटा है। इसके साथ ही 31 वर्षीय महिला और उनकी आठ साल की बेटी और 60 वर्षीय महिला शामिल हैं।
मणिपुर पुलिस ने कहा कि दो वरिष्ठ अधिकारियों को जिरीबाम और बोरोबेकरा में तैनात किया गया है, जोकि सर्च ऑपरेशन की देखरेख कर रहे हैं। छह लापता लोगों की तलाश के लिए अलग-अलग टीमों का गठन किया गया है।
इन सब के बीच जिरीबाम पुलिस स्टेशन के ऑफिसर इंचार्ज इंस्पेक्टर सगापम इबोटोमी सिंह ने अपना इस्तीफा डीजीपी को सौंप दिया है। उन्होंने मेरे परिवार और कुछ अन्य वजहों से मैं इस्तीफा देता हूं। सूत्रों के अनुसार इसके तुरंत बाद उनका ट्रांसफर कर दिया गया।
इबोटोमी को वीरता के लिए राष्ट्रपति पदक से दो बार सम्मानित किए गए सिंह ने सीआरपीएफ की दो चौकियों पर हमले के बाद जवाबी कार्रवाई में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। उनके इस्तीफे और तत्काल स्थानांतरण ने मौजूदा संकट को और जटिल बना दिया है।












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