बिहार असेंबली चुनाव से पहले बागी हुए तीन 3 भाजपा एमपी
नई दिल्ली(विवेक शुक्ला) बिहार विधानसभा चुनाव अब सिर पर हैं और बिहार से भाजपा के तीन सांसदों के बागी तेवरों के कारण भाजपा नेतृत्व घबराया हुआ है। शत्रुध्न सिन्हा के अलावा कीर्ति आजाद और आर के सिंह ने बागी तेवर अपनाए हुए हैं सिंह पूर्व गृह सचिव भी है।
घबराहट का भाव
हालांकि नेतृत्व की तरफ से इनके खिलाफ कुछ कहा तो नहीं जा रहा, पर घबराहट का भाव जरूर है। बिहारी बाबू यानी शत्रुध्न सिन्हा से भाजपा लीडरशिप नाराज है क्योंकि वे लगातार पार्टी लाइन से हटकर काम कर रहे हैं। वे कभी नीतीश कुमार से मिलते हैं तो कभी अरविंद केजरीवाल से।
अभी एक्शन नहीं
जानकार कहते हैं कि बिहार विधानसभा चुनाव से पहले उन पर कोई एक्शन होने की कोई संभावना नहीं है। शत्रुध्न से पार्टी खफा तो है, पर अभी उन्हें इग्नोर किया जाता रहेगा।
कीर्ति आजाद बतियाते सोनिया से
उधर, दरभंगा से सांसद और कभी मशहूर क्रिकेटर रहे कीर्ति आजाद लगातार अपने कामों से भाजपा नेतृत्व को नाराज कर रहे हैं। वे कुछ समय पहले संसद भवन में एक-दो बार कांग्रेस प्रमुख सोनिया गांधी से बात करते हुए देखे गए थे।वे भी पार्टी नेतृत्व से काफी समय से खफा बताए जाते हैं।
उनके करीबी कहते हैं कि वे मंत्रिमंडल में शामिल ना किए जाने से नाराज है। वे पार्टी के लिए अभी तक कैंपेन के काम से नहीं जुड़े हैं। वे वित्त मंत्री अरुण जेटली पर लगातार आरोप लगाते रहे हैं। दोनों दरअसल दिल्ली की क्रिकेट में एक-दूसरे के धुर-विरोधी रहे हैं। आजाद के पिता भगवत झा आजाद कांग्रेसी थे। वे बिहार के मुख्यमंत्री भी रहे।
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एक और नाम
कुछ समय से आर.के.सिंह भी भाजपा के बागी सांसदों की सूची में शामिल हो गए हैं। ललित मोदी को लेकर पूर्व गृह सचिव और भाजपा सांसद आरके सिंह ने कहा है कि एक भगोड़े की मदद करना ग़लत है। उन्होंने कहा, "किसी ने भी अगर एक भगोड़े की मदद की है तो यह ग़लत है, चाहे किसी अधिकारी ने की है या किसी नेता ने की हो।
जानकार कह रहे हैं कि ये तीन सांसद अभी तक पार्टी के लिए कैंपेन करने के के लिए रणभूमि पर नहीं उतरे हैं। इनके सबकी पार्टी नेतृत्व से शिकायत है। सब पार्टी या सरकार में बेहतर पद चाहते हैं।













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