कश्मीर में लोगों ने तोड़े थे बल्ब, कारण जानकर चौंक जाएंगे आप
दक्षिण कश्मीर में यह अफवाह फैल गई कि इन बल्ब में सर्विलांस के उपकरण लगे हुए हैं, जिसकी वजह से लोगों ने इन्हें तोड़ना शुरू कर दिया था।
नई दिल्ली। कुछ महीने पहले दक्षिणी कश्मीर के निवासियों ने उजाला स्कीम के तहत बांटे गए एलईडी बल्बों को तोड़ना शुरू कर दिया था। आपको बता दें कि इस स्कीम के तहत 250 रुपए के बल्ब को सिर्फ 20 रुपए में बांटा गया था। वहां पर यह अफवाह फैल गई कि इन बल्ब में सर्विलांस के उपकरण लगे हुए हैं, जिसकी वजह से लोगों ने इन्हें तोड़ना शुरू कर दिया था।

यह कहा जा रहा था कि इन बल्ब में माइक्रो चिप लगे हैं, जो लोगों की गतिविधि और बातों को ट्रैक कर सकते हैं। इसे सरकार की एक चाल कहा जा रहा था। अफवाह फैल गई थी कि सर्विलांस के उपरकरण लगाए जाने की वजह से ही इन बल्ब को इतने सस्ते में बेचा जा रहा है। इसकी मदद से सरकार लोगों पर नजर रखेगी।
इसके अलावा एक अन्य अफवाह फैल रही थी, जो एक मोबाइल कंपनी के बारे में थी। कहा जा रहा था कि एक कंपनी मुफ्त में लोगों को सिम बांट रही है, जो ट्रैकिंग कैपेबिलिटी से लैस हैं। यह अफवाह दो उग्रवादियों की मौत के बाद फैली, जब छानबीन में यह पता चला कि वह उग्रवादी उसी कंपनी का सिम कार्ड इस्तेमाल कर रहे थे, जो कंपनी मुफ्त में सिम बांट रही है। ये भी पढ़ें- जल्द ही देश को नया रक्षा मंत्री मिलना क्यों है बेहद जरूरी
इसके बाद फैली अफवाह के चलते बहुत से लोगों ने उस कंपनी का विरोध किया और उसके सिम कार्ड का इस्तेमाल करना बंद कर दिया। इसके बाद सुरक्षा एजेंसियों को घुसपैठियों और स्थानीय आतंकियों से निपटने के साथ-साथ इन अफवाहों से भी लड़ना पड़ा। सुरक्षा अधिकारियों ने बताया कि यह अफवाह देश विरोधी लोगों की तरफ से फैलाई गई थी, ताकि तनाव का माहौल पैदा हो सके, जिसके बाद हिंसा भी हुई थी। अधिकारियों के मुताबिक यह घाटी में तनाव पैदा करने के लिए ही किया गया था।












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