जल्द ही देश को नया रक्षा मंत्री मिलना क्यों है बेहद जरूरी
आखिर क्यों जल्दी ही देश को पूर्णकालिक रक्षा मंत्री मिलना जरूरी है, मनोहर पर्रिकर के गोवा जाने के बाद रक्षा मंत्री की रफ्तार तेज हो गई है।
नई दिल्ली। रक्षामंत्री के पद से इस्तीफा देने के बाद जिस तरह से मनोहर पर्रिकर एक बार फिर से गोवा के मुख्यमंत्री बन गए हैं उसके बाद एक बार फिर से रक्षा मंत्रालय का अतिरिक्त प्रभार अरुण जेटली को दिया गया है। अरुण जेटली देश के वित्त मंत्रालय के साथ रक्षा मंत्रालय का अतिरिक्त प्रभार संभाल रहे हैं। ऐसे में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अब ऐसे चेहरे की तलाश करेंगे जिसे रक्षा मंत्रालय का पूर्णकालिक प्रभार दिया जा सके।

कई अहम फैसले पर लगेगी लगाम
रक्षा मंत्रालय का पद काफी अहम होता है, ऐसे में भारत सरकार इस मंत्रालय को लंबे समय तक खाली नहीं रख सकती है, मौजूदा समय में रक्षा मंत्रालय की महत्ता काफी ज्यादा है, लिहाजा जल्द ही इस मंत्रालय का कार्यभार किसी को सौंपना काफी अहम है। रक्षा मंत्रालय में कई ऐसे कदम उठाने होते हैं जिसे उठाना अतिरिक्त प्रभार संभाल रहे मंत्री के लिए मुमकिन नहीं होगा।

अहम मसौदे अटकेंगे
जिस वक्त मनोहर पर्रिकर ने रक्षा मंत्री के पद से इस्तीफा दिया उस वक्त कई अहम फैसले लिए गए थे, जिसमें सिविल मिलिट्री रिलेशन, रक्षा खरीद उनमें सबसे अहम हैं। ऐसे में पूर्णकालिक रक्षा मंत्री नहीं होने पर इन अहम फैसलों की रफ्तार कम हो सकती है। इन अहम प्रक्रियाओं को आगे बढ़ाना मोदी सरकार के लिए काफी अहम है कि रक्षा मंत्रालय के अहम योजनाएं आगे बढ़े ।

रक्षा खरीद अहम
रक्षा मंत्रालाय का जो सबसे बड़ा प्रोजेक्ट है वह है रक्षा खरीद का जिसकी शुरुआत पर्रिकर के कार्यकाल के दौरान हुई थी, इस दौरान कई विदेशी निर्माताओं के साथ डील हुई, जिसमें प्राइवेट सेक्टर के साथ भी यह मसौदा किया गया कि वह भारत के लिए हथियार बनाएगी। यह तमाम प्रक्रियाएं मनोहर पर्रिकर के कार्यकाल के दौरान काफी तेज और बाधारहित चल रहा था।

सातवे वेतन आयोग को लागू कराना अहम
लेकिन मनोहर पर्रिरकर के रक्षा मंत्रालय छोड़ने के बाद माना जा रहा है कि यह सभी प्रक्रियाएं धीमी पड़ जाएगी, इसके अलावा जो सबसे बड़ा मुद्दा है वह रक्षा मंत्रालय के भीतर सातवे वेतन आयोग को लागू कराना है। सातवे वेतन आयोग को लागू कराने की प्रक्रिया में पहले ही काफी देर हो चुकी है, ऐसे में पर्रिकर के जाने से इस प्रक्रिया में और देर हो सकती है। सरकार के उच्चस्तरीय सूत्रों की मानें तो चिंता की कोई वजह नहीं है जल्द ही रक्षा मंत्रालय को नया मंत्री मिल जाएगा।












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