रिश्तों में तल्खी के बीच 4 नवंबर को नेपाल पहुंच रहे आर्मी चीफ नरवणे ने कहा- मजबूत होगी दोनों देशों की दोस्ती
नई दिल्ली। भारत और नेपाल के बीच पिछले कुछ समय से जारी कड़वाहट के बीच आर्मी चीफ जनरल मनोज मुकुंद नरवणे कल यानी कि 4 नवंबर को नेपाल पहुंच रहे हैं। नरवणे को इस यात्रा के दौरान जनरल रैंक की मानद रैंक से सम्मानित किया जाएगा। इस दौरे पर दोनों देशों के बीच उच्च स्तरीय बैठक होगी और रिश्तों को सुधारने पर बल दिया जाएगा। वहीं इस दौरे से पहले आर्मी चीफ नरवणे का कहना है कि इससे दोनों देशों की सेनाएं मित्रता के मजबूत बंधन में बंधेगी। इस दौरान उन्हें 'द जनरल ऑफ द नेपाल आर्मी' की मानद रैंक देकर सम्मानित किया जाएगा।

आर्मी चीफ जनरल नरवणे ने मंगलवार को कहा, 'मुझे इस तरह के निमंत्रण पर नेपाल जाने और अपने समकक्ष जनरल पूर्ण चंद्र थापा से मिलने की खुशी है। मुझे यकीन है कि यह यात्रा दोनों सेनाओं को आपस में संजोने वाले बंधन और मित्रता को मजबूत करने में एक लंबा रास्ता तय करेगी।' उन्होंने आगे कहा, 'मैं नेपाल के प्रधानमंत्री द्वारा बुलाए जाने के लिए भी आभारी हूं। नेपाल के राष्ट्रपति द्वारा 'द जनरल ऑफ द नेपाल आर्मी' के सम्मान से सम्मानित किया जाना मेरे लिए बहुत ही सम्मान की बात है।'
गौरतलब है कि जनरल नरवणे का अपनी यात्रा के आखिरी दिन प्रधानमंत्री ओली से भी मिलने का कार्यक्रम है। वह सैन्य पैवेलियन में शहीद स्मारक पर श्रद्धांजलि देंगे, उन्हें सलामी गारद दी जाएगी। आपको बता दें कि भारत ने इस साल की शुरुआत में नेपाल के साथ बातचीत रोक दी थी। नेपाल ने इस साल जून में एक नया नक्शा जारी किया था जिसमें कि भारत के कई हिस्सों को नेपाल का हिस्सा दिखाया गया था। बताया जा रहा था कि नेपाल में अति राष्ट्रवादी भावनाओं को भड़काने के इस कदम के पीछे चीन का सहयोग था।












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