बिहार में कौन लड़ेगा कितनी लोकसभा सीटें, सामने आई अंदर की बात
नई दिल्ली। बीते रविवार 16 सितंबर को बिहार के मुख्यमंत्री और जेडीयू प्रमुख नीतीश कुमार ने कहा था कि 2019 लोकसभा चुनावों के लिए बीजेपी के साथ सीटों के बंटवारे को लेकर सम्मानजनक समझौता हो चुका है लेकिन इसकी औपचारिक घोषणा बाद में की जाएगी। उन्होंने इस बात का खुलासा करने से इनकार कर दिया था कि किसे कितनी सीटें मिलने वाली हैं। लेकिन सूत्रों से पता चला है कि बिहार में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) के विभिन्न गठबंधन भागीदारों के बीच सीटों के बंटवारे की जो व्यवस्था की गई है उसमें जनता दल (यूनाइटेड) को बिहार में 13 सीटें मिलेंगी। इसके अलावा झारखंड में एक और उत्तर प्रदेश में भी एक सीट मिलने की संभावना है। बीजेपी राज्य में अपनी मौजूदा सीटों में से दो सीटें छोड़ रही है।

किसे क्या मिलेगा
2014 के लोकसभा चुनाव में बीजेपी ने बिहार की 40 सीटों में से 22 सीटों पर जीत दर्ज की थी। खबर है कि वो अब 20 सीटों पर ही चुनाव लड़ेगी। जेडी (यू) को 13 सीटें मिलेंगी, रामविलास पासवान की एलजेपी पांच सीटों पर लड़ेंगी और उपेंद्र कुशवाह की राष्ट्रीय लोक समता पार्टी को दो सीटों से समझौता करना होगा। इसके अलावा जेडी (यू) के नेताओं को समायोजित करने के लिए बहुत सी सीटों की अदला बदली की जाएगी।

कहां होगी अदला बदली
सूत्रों ने पुष्टि की कि सीटों की संख्या के अलावा सीटों की अदला बदली की पूरी संभावना है। बीजेपी की मौजूदा बक्सर सीट जेडी (यू) के प्रशांत किशोर को जा सकती है जिस पर ज्यादातर ब्राह्मण उम्मीदवार का ही कब्जा रहा है। दरभंगा भी जेडी (यू) को जाएगी जहां से पार्टी के संजय झा उम्मीदवार होंगे और मुंगेर लोकसभा सीट जो अभी एलजेपी की वीणा देवी के पास है वो भी जेडी (यू) के राजीव रंजन सिंह उर्फ ललन सिंह को जा सकती है। इसके अलावा जेडी (यू) अपने महासचिव के सी त्यागी के लिए भी एक सीट की तलाश कर रही है।

इन सांसदों का होगा पत्ता साफ
खबर है कि अपने तीखे बयानों से सीधे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर हमला करने वाले पटना साहिब के सांसद शत्रुघ्न सिन्हा को पार्टी टिकट नहीं देगी। इसके अलावा दरभंगा से निलंबित सांसद कीर्ति आजाद, बेगूसराय सांसद भोला सिंह, शिवहर सांसद रमा देवी, आरा एमपी आर के सिंह, पूर्वी चंपारण सांसद राधा मोहन सिंह और सारण से लोकसभा सांसद राजीव प्रताप रूडी का भी टिकट कट सकता है। मधुबनी के सांसद हुकुमदेव नारायण यादव को उनकी ज्यादा उम्र के चलते टिकट नहीं मिल सकता है लेकिन ऐसा होने पर उनके परिवार के किसी सदस्य या बेटे को टिकट दिया जाएगा। क्योंकि वहां पार्टी को जाति का फैक्टर देखना है।

पासवान को होगा नुकसान
रामविलास पासवान की लोकजन शक्ति पार्टी को पांच सीटें मिलेगी जो पहले सात सीटों पर लड़ी थीं और इसके लोकसभा में छह सांसद हैं। सूत्रों से ये भी खबर है कि पार्टी की मुंगेर सांसद वीणा देवी कांग्रेस के संपर्क में है और वो कांग्रेस में शामिल हो सकती हैं। इसी तरह वैशाली से सांसद राम किशोर सिंह, शिवहर से राष्ट्रीय जनता दल के उम्मीदवार के रूप में चुनाव लड़ सकते हैं। राष्ट्रीय लोक समता पार्टी को दी जाने वाली दो सीटें इस पर निर्भर करेंगी कि जहानाबाद सीट से सांसद अरुण कुमार का क्या रुख रहता है। अरुण कुमार बीजेपी के तो साथ हैं लेकिन पार्टी नेता उपेंद्र कुशवाह से वो अलग हो गए हैं। इसके अलावा अगर राष्ट्रीय लोक समता पार्टी एनडीए से नाता तोड़ देती है तो ये दो सीटें बीजेपी और जेडी (यू) के बीच बंटेंगी।
ये भी पढ़ें:- मुश्किल में मनोज तिवारी, सील किए गए मकान का ताला तोड़ने पर दर्ज हुआ केस












Click it and Unblock the Notifications