देश में कोरोना वैक्सीन की तीसरी डोज की सुस्त रफ्तार, सिर्फ 3.8 लाख लोगों ने लगवाया टीका
नई दिल्ली, 25 अप्रैल। देश में लोगों को कोरोना वायरस वैक्सीन की तीसरी डोज देने का सिलसिला शुरू हो चुका है। 18-59 साल के बीच के लोगों को कोरोना की तीसरी डोज दी जा रही है। लेकिन स्वास्थ्य मंत्रालय की ओर से जो आंकड़ा जारी किया गया है उसके अनुसार अभी तक सिर्फ 3.8 लाख लोगों ने ही तीसरी डोज लगवाई है। इसमे से भी 51 फीसदी लोगों ने पिछले चार दिनों में तीसरी डोज लगवाई है। बता दें कि भारत में 10 अप्रैल से कोरोना की तीसरी डोज को दिए जाने की शुरुआत की गई थी।
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जो आंकड़े सामने आए हैं उसके अनुसार अभी तक कोरोना वायरस वैक्सीन की तीसरी डोज सिर्फ 387719 लोगों को लगी है, जिसे से 20 अप्रैल से 24 अप्रैल के बीच 1.98 लाख लोगों को तीसरी डोज दी गई है। बता दें कि जिस तरह के कोरोना के नए मामले बढ़ रहे हैं उसे देखते हुए दिल्ली,यूपी, हरियाणा ने एक बार फिर से मास्क पहनना अनिवार्य कर दिया है। स्वास्थ्य मंत्रालय के आंकड़े के अनुसार तकरीबन 50 फीसदी वैक्सीन की डोज मेट्रो शहर के लोगों को लगी है।
स्वास्थ्य मंत्रालय के अधिकारी का कहना है कि तीसरी डोज मुख्य रूप से वही लोग लगवा रहे हैं जो विदेश जा रहे हैं, या फिर किसी बीमारी से जूझ रहे हैं। पिछले 14 दिनों में कोरोना वायरस की 54 फीसदी वैक्सीन दिल्ली, महाराष्ट्र, पश्चिम बंगाल, कर्नाटक में लगी है। राजस्थान में सिर्फ 5500 लोगों को तीसरी डोज लगी है, मध्य प्रदेस में 5290 लोगों को, छत्तीसगढ़ में सिर्फ 532 लोगों को वैक्सीन की तीसरी डोज लगी है।
घनी आबादी वाले प्रदेश बिहार की बात करें तो यहां सिर्फ 22141 लोगों को वैक्सीन की तीसरी डोज लगी है। वहीं गुड़गावं में 19918 लोगों को तीसरी डोज लगी है। 60 साल के ऊपर के लोगों के लिए तीसरी डोज मुफ्त है, और इसकी शुरुआत 10 जनवरी से हुई है।1.04 करोड़ स्वास्थ्यकर्मियों में से सिर्फ 45 फीसदी ने वैक्सीन की तीसरी डोज ली है, जबकि 1.84 करोड़ फ्रंटलाइन वर्कर्स में से 38 फीसदी ने ही वैक्सीन की तीसरी डोज ली है।












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