आईएसआई आफिसर को साथ लेकर पाकिस्तान से भारत आर्इ जांच टीम
नई दिल्ली। बड़ी ना-नुकुर और भारत पर कई तरह के आरोप लगाने के बाद आखिरकार आज पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद से एक ज्वाइंट इनवेस्टिगेशन टीम भारत पहुंच गई है।
यह टीम एक जनवरी को पठानकोट स्थित इंडियन एयरफोर्स के बेस पर हुए आतंकी हमले की जांच के सिलसिले में भारत पहुंची है।
इस टीम में पांच सदस्य हैं जिसमें आईएसआई के लेफ्टिनेंट कर्नल तनवीर अहमद, पाक मिलिट्री इंटेलीजेंस के लेफ्टिनेंट कर्नल इरफान मिर्जा जैसे नाम शामिल हैं।
8,000 करोड़ के साथ इंडियन एयरफोर्स के एयरबेस का होगा मेकओवर
भारत की राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) इस जांच टीम की भारत में होने वाली जांच में मदद करेगी। साथ ही पाक से आ रही यह टीम उन 17 लोगों से भी मुलाकात करेगी जो इस आतंकी हमलों में घायल हो गए थे।
इन आतंकी हमलों के लिए मौलाना मसूद अजहर की अगुवाई वाले आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद को जिम्मेदार बताया गया है। हालांकि पाक ने हमेशा इस बात से इंकार कर दिया है। एक नजर डालिए इस अहम घटनाक्रम से जुड़ी पांच बातों पर।

11 बजे स्पेशल एयरक्राफ्ट से आएगी टीम
पाकिस्तान से आ रही ज्वाइंट इनवेस्टिगेशन टीम यानी जेआईटी एक स्पेशल एयरक्राफ्ट से भारत की राजधानी दिल्ली पहुंचेगी। यहां एनआईए की तरफ से अब तक हुई जांच के बारे में इस टीम को एक विस्तृत जानकारी प्रजेंटेशन के जरिए दी जाएगी। फिर या तो कार या बीएसएफ के चॉपर से टीम को सोमवार को पठानकोट ले जाया जाएगा। अगर चॉपर का प्रयोग हुआ तो फिर यह चॉपर एयरबेस पर लैंड नहीं करेगा।

सिर्फ कुछ ही हिस्सो में रहेगी टीम
टीम इस केस से जुड़े तीन गवाहों से पूछताछ करेगी लेकिन जेआईटी को पठानकोट स्थित एयरबेस का पूरा एक्सेस नहीं मिला। टीम सिर्फ उन्हीं हिस्सों तक जाएगी जहां पर आतंकियों के साथ 80 घंटों तक मुठभेड़ चली थी और सात भारतीय सैनिक शहीद हो गए थे।

भारत की जांच टीम भी
सूत्रों की मानें तो भारत की ओर से भी एक जांच टीम को इस टीम के साथ भेजा जा सकता है। भारत की ओर से टीम को किसी भी एनएसजी गार्ड या फिर बीएसएफ के कर्मी से पूछताछ का मौका नहीं दिया जाएगा।

आईएसआई ऑफिसर भी टीम का हिस्सा
जेआईटीम में पांच सदस्य हैं जिसे पाकिस्तान के पंजाब प्रांत के काउंटर टेररिज्म डिपार्टमेंट के चीफ और एआईजी पुलिस मुहम्मद ताहिर राय लीड कर रहे हैं। लाहौर से इंटेलीजेंस ब्यूरो के डिप्टी डायरेक्टर जनरल मोहम्मद आजिम अरशद, आईएसआई के लेफ्टिनेंट कर्नल तनवीर अहमद, पाक मिलिट्री इंटेलीजेंस के लेफ्टिनेंट कर्नल इरफान मिर्जा और गुंजरवाला काउंटर टेररिज्म डिपार्टमेंट के इनवेस्टिगेटिंग आफिसर शाहिद तनवीर शामिल हैं।

एनआईए करेगी ब्रीफ
पाक की जेआईटी को 28 मार्च को एनआईए के हेडक्वार्टर्स पर इस हमले से जुड़ी जाचं के बारे में 90 मिनट की एक अहम ब्रीफिंग दी जाएगी।

कौन-कौन से गवाह
इस दौरान पाक टीम पंजाब पुलिस के एसपी सलविंदर सिंह और उनके दोस्त राजेश वर्मा और कुक मदन गोपाल की गवाही दर्ज करेगी। साथ ही उन 17 लोगों से भी मुलाकात करेगी जो हमले में घायल हो गए थे। साथ ही एनआईए भी आतंकियों से जुड़ी जानकारियों को टीम से साझा करेगी।

भारत को भी चाहिए जानकारियां
भारत ने साफ कर दिया है कि अगर वह इस जांच में मदद करेगा जो फिर उसे भी कुछ जानकारियां चाहिए जिसमें मौलाना मसूद अजहर के भाई समेत कुछ और लोगों के फोन नंबर्स और उन कंपनियों के बारे में जानकारियां चाहिए जिन्होंने आतंकियों को पैक्ड खाना मुहैया कराया था।












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