ये 4 IAS अफसर कोरोना संकट में करेंगे दिल्ली सरकार की मदद, गृहमंत्री शाह ने अंडमान-अरुणाचल से बुलाया
नई दिल्ली- दिल्ली में कोरोना संकट बेकाबू होने के बाद केंद्र सरकार और केंद्रीय गृहमंत्राल पूरी तरह से ऐक्शन में आ चुके हैं। इसी को देखते हुए केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने रविवार को 4 आईएएस अधिकारियों को फौरन तबादला करके दिल्ली बुलाने के निर्देश दिए हैं। ये चारों आईएएस अधिकारी कोविड-19 से जुड़े हालातों से निपटने में दिल्ली सरकार की सहायता करेंगे। बता दें कि रविवार को गृहमंत्री अमित शाह से दिल्ली के उपराज्यपाल और मुख्यमंत्री के साथ दो चरणों में बैठके हुई हैं, जिसमें दिल्ली को संकट से उबारने को लेकर चर्चा हुई। गृहमंत्री ने इस संकट पर और चर्चा के लिए सोमवार को एक सर्वदलीय बैठक भी बुलाई है, जिसमें सभी राजनीतिक दलों को दिल्ली की परिस्थितियों से वाकिफ कराया जाएगा।

दिल्ली सरकार की मदद के लिए बुलाए गए 4 आईएएस अफसर
केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने जिन 4 आईएएस अधिकारियों को तबादला करके दिल्ली में योगदान देने के लिए बुलाने का निर्देश दिया है। इनमें से दो अभी अंडमान और निकोबार में और दो अरुणाचल प्रदेश में तैनात हैं। जिन अधिकारियों को आपात स्थिति में दिल्ली बुलाया गया है वो हैं- अवनीश कुमार, मोनिका प्रियदर्शिनी, गौरव सिंह रजावत और विक्रम सिंह मलिक। गृहमंत्रालय ने कहा है कि, 'गृहमंत्री अमित शाह ने चार आईएएस अधिकारियों के फौरन तबादले का निर्देश दिए हैं- अवनीश कुमार और मोनिका प्रियदर्शिनी अंडमान और निकोबार से और गौरव सिंह रजावत और विक्रम सिंह मलिक अरुणाचल प्रदेश से नई दिल्ली आकर कोविड-19 के प्रबंधन में दिल्ली सरकार की सहायता करेंगे।' इन चारों आईएएस अधिकारियों के अलावा गृहमंत्री शाह ने केंद्र की ड्यूटी पर तैनात दो बड़े आईएएस अधिकारियों एससीएल दास और एसएस यादव को भी दिल्ली सरकार की सहायता करने को कहा है।

दो बार अमित शाह के साथ बैठक में शामिल हुए केजरीवाल
इस बीच दिल्ली के उपराज्यपाल अनिल बैजल और मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल फिर से गृहमंत्री अमित शाह के साथ गृहमंत्रालय में एक और बैठक शामिल हुए। इस बैठक में केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉक्टर हर्ष वर्धन के अलावा दिल्ली के तीनों नगर निगमों के तीनों मेयर भी कोविड-19 से निपटने की तैयारियां की समीक्षा के लिए पहुंचे थे। बता दें कि रविवार को ही पहले चरण की बैठक के बाद गृहमंत्री ने राष्ट्रीय राजधानी में इस बीमारी को नियंत्रित करने के लिए कई तरह क उपायों की घोषणा की। अमित शाह ने जिन कदमों का ऐलान किया उसमें दिल्ली में आने वाले 6 दिनों में टेस्टिंग की संख्या तिगुना करने, 500 कोविड रेलवे कोच दिल्ली को मुहैया कराने और 8,000 बेड की व्यवस्था करने की बात कही थी। इस घोषणा में यह बात भी कही गई थी कि निजी अस्पतालों में भी 60 फीसदी बेड कम दाम पर उपलब्ध करवाना सुनिश्चित किया जाएगा। इस बीच दिल्ली के उपराज्यपाल अनिल बैजल और मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल फिर से गृहमंत्री अमित शाह के साथ गृहमंत्रालय में एक और बैठक शामिल हुए। इस बैठक में केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉक्टर हर्ष वर्धन के अलावा दिल्ली के तीनों नगर निगमों के तीनों मेयर भी कोविड-19 से निपटने की तैयारियां की समीक्षा के लिए पहुंचे थे। बता दें कि रविवार को ही पहले चरण की बैठक के बाद गृहमंत्री ने राष्ट्रीय राजधानी में इस बीमारी को नियंत्रित करने के लिए कई तरह क उपायों की घोषणा की। अमित शाह ने जिन कदमों का ऐलान किया उसमें दिल्ली में आने वाले 6 दिनों में टेस्टिंग की संख्या तिगुना करने, 500 कोविड रेलवे कोच दिल्ली को मुहैया कराने और 8,000 बेड की व्यवस्था करने की बात कही थी। इस घोषणा में यह बात भी कही गई थी कि निजी अस्पतालों में भी 60 फीसदी बेड कम दाम पर उपलब्ध करवाना सुनिश्चित किया जाएगा।

दिल्ली में करीब 40 हजार पहुंचा संक्रमण का आंकड़ा
रविवार को दिल्ली सरकार के साथ दो राउंड की मैराथन मीटिंग के बाद गृहमंत्री ने सोमवार को दिल्ली में कोरोना संकट की समीक्षा करने के लिए एक सर्वदलीय बैठक भी बुलाई है। बता दें कि रविवार को राजधानी में कोरोना संक्रमितों का आंकड़ा 38,958 तक पहुच गया, जिसमें 2134 नए मामले 24 घंटे में सामने आए हैं। जबकि, मरने वालों का दिल्ली सरकार ने जो आंकड़ा बताया है वह 1271 है। हालांकि, दिल्ली में कोरोना से 14,949 लोग ठीक भी हुए हैं। लेकिन, दिक्कत ये है कि यहां पिछले हफ्ते से टेस्टिंग काफी घटाई जा चुकी है, बावजूद टीपीआर या टोटल पॉजिटिविटी रेट लगातार बढ़ता जा रहा है और वह 30 फीसदी के आसपास पहुंच चुका है।












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