'ये तो जीरा है', वंदे भारत ट्रेन में सांभर के अंदर मिले कीड़े तो मिला ये जवाब, लगा 50 हजार का जुर्माना

Vande Bharat Train : वंदे भारत ट्रेन में हाल ही में घटित एक घटना ने प्रीमियम रेल सेवाओं में परोसे जाने वाले भोजन की गुणवत्ता और स्वच्छता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। तिरुनेलवेली से चेन्नई की यात्रा के दौरान एक यात्री द्वारा सांभर में कीड़े पाए जाने की शिकायत ने सोशल मीडिया पर व्यापक बहस छेड़ दी। इस मुद्दे को लेकर यात्रियों में भारी आक्रोश है। कई लोगों ने आईआरसीटीसी द्वारा प्रदत्त खाद्य सेवा की गुणवत्ता को लेकर गहरी चिंता जताई है।

वीडियो वायरल, रेलवे पर उठे सवाल

घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ। जिसमें सांभर में तैरते काले कीड़े दिखाई दे रहे थे। यह मामला प्रकाश में आने के बाद कांग्रेस सांसद मनिकम टैगोर ने इस मुद्दे को उठाया। उन्होंने केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव को संबोधित करते हुए स्वच्छता और खाद्य सुरक्षा पर सवाल उठाए। टैगोर ने X पर लिखा कि प्रिय अश्विनी वैष्णव जी तिरुनेलवेली-चेन्नई वंदे भारत एक्सप्रेस में परोसे गए भोजन में जीवित कीड़े पाए गए। यात्रियों ने स्वच्छता और आईआरसीटीसी की जवाबदेही पर चिंता जताई है। इसे दूर करने और प्रीमियम ट्रेनों में खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए क्या कदम उठाए जा रहे हैं। इस पोस्ट ने वंदे भारत ट्रेनों की सेवा और खाद्य सुरक्षा के मानकों पर चर्चा को नए सिरे से जन्म दिया।

vandebharat train

रेलवे की कार्रवाई, कैटरर पर जुर्माना

मामले की शिकायत के तुरंत बाद रेलवे ने डिंडीगुल स्टेशन पर भोज न के नमूनों की जांच की। जांच के दौरान यह पाया गया कि कीट सांभर के अंदर नहीं था।बल्कि एल्युमिनियम कंटेनर के ढक्कन पर था। इसके बावजूद रेलवे ने खानपान सेवा प्रदाता सुश्री वृंदावन फूड प्रोडक्ट्स प्रदाता पर 50,000 रुपए का जुर्माना लगाया। रेलवे ने एक आधिकारिक बयान में कहा कि भोजन के नमूने एकत्र किए गए हैं और संदूषण के स्रोत का पता लगाने के लिए परीक्षण के लिए भेजे गए हैं। इस लापरवाही के लिए खानपान सेवा प्रदाता पर जुर्माना लगाया गया है।

वंदे भारत में खाद्य सुरक्षा पर पुरानी चिंताएं

यह पहली बार नहीं है जब वंदे भारत ट्रेनों में परोसे गए भोजन की स्वच्छता पर सवाल उठे हैं। कुछ महीने पहले एक अन्य घटना में भी एक यात्री ने अपने खाने में कॉकरोच पाए जाने की शिकायत की थी। इन घटनाओं ने वंदे भारत ट्रेन की छवि को नुकसान पहुंचाया है। जो अपनी तेज गति, उन्नत सुरक्षा सुविधाओं और उच्च गुणवत्ता वाली सेवा के लिए जानी जाती है।

वंदे भारत की छवि और भविष्य की चुनौती

वंदे भारत ट्रेन जो मेक इन इंडिया पहल के तहत विकसित की गई हैं। भारत की रेलवे प्रणाली के लिए गर्व का प्रतीक हैं। इस प्रकार की घटनाएं यात्रियों के अनुभव पर नकारात्मक प्रभाव डालती हैं और सरकार द्वारा प्रचारित इन प्रीमियम ट्रेनों की प्रतिष्ठा को प्रभावित करती हैं। यह घटना वंदे भारत ट्रेनों में खाद्य सुरक्षा और स्वच्छता सुनिश्चित करने की आवश्यकता को उजागर करती है। हालांकि रेलवे ने खानपान सेवा प्रदाता पर जुर्माना लगाकर और जांच शुरू करके अपनी प्रतिबद्धता दिखाई है। लेकिन बार-बार हो रही ऐसी घटनाएं गुणवत्ता नियंत्रण उपायों को मजबूत करने और यात्रियों के विश्वास को पुनः स्थापित करने की आवश्यकता पर जोर देती हैं। इस मुद्दे के समाधान के लिए रेलवे द्वारा उठाए गए कदमों पर अब सभी की निगाहें टिकी हुई हैं।

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