'संस्कृत को लेकर गर्व का भाव बढ़ा है'; मन की बात में इसकी लोकप्रियता पर और क्या बोले पीएम मोदी?
Mann Ki Baat PM Modi: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा है कि उन्हें इस बात की बड़ी खुशी है कि लोगों के मन में संस्कृत का लेकर जागरूकता बढ़ी है और इसके प्रति गौरव का भाव भी बढ़ा है।
रेडियो पर प्रसारित होने वाले अपने मासिक कार्यक्रम 'मन की बात' में प्रधानमंत्री मोदी ने आने वाले विश्व संस्कृत दिवस पर लोगों को बधाई भी दी है। उन्होंने बताया है कि संस्कृत दुनिया की सबसे प्राचीन भाषाओं में शामिल है और पिछले कुछ वर्षों में देश में किस तरह से इसके प्रति लोगों के मन में आकर्षण बढ़ा है।

लोग संस्कृत सीख रहे हैं- पीएम मोदी
पीएम मोदी ने कहा है कि संस्कृत विश्व की सबसे प्राचीन भाषाओं में से एक है। उन्हें यह देखकर खुशी है कि कि लोग जिस तरह से योग, आयुर्वेद और दर्शन जैसे विषयों पर रिसर्च कर रहे हैं, उसी तरह से अब अधिक से अधिक संस्कृत भी सीखा जा रहा है।
विश्व संस्कृत दिवस को लेकर दी बधाई
इस मौके पर प्रधानमंत्री ने संस्कृत में एक श्लोक भी पढ़ा। "सर्वेभ्य: विश्व-संस्कृत-दिवसस्य हार्द्य: शुभकामना:" आप सभी को विश्व संस्कृत दिवस की बहुत-बहुत बधाई'। उन्होंने कहा कि मुझे इस बार कई पत्र संस्कृत भाषा में मिले हैं। इसकी वजह यह है कि सावन मास की पूर्णिमा तिथि को विश्व संस्कृत दिवस मनाया जाता है।
'संस्कृत दुनिया की सबसे प्राचीन भाषाओं में से एक है'
पीएम मोदी बोले, 'संस्कृत दुनिया की सबसे प्राचीन भाषाओं में से एक है....इसे कई आधुनिक भाषाओं की जननी भी कहा जाता है।' प्रधानमंत्री ने कहा कि 'संस्कृत अपनी प्राचीनता के साथ-साथ अपनी वैज्ञानिकता और व्याकरण के लिए भी जानी जाती है। भारत का कितना प्राचीन ज्ञान हजारों वर्षों तक संस्कृत भाषा में ही संरक्षित किया गया है।.....'
पीएम मोदी बोले कि संस्कृत के प्रति जागरूकता और गर्व का भाव बढ़ा है। 'इसके पीछे बीते वर्षों में देश का विशेष योगदान भी है। जैसे 3 संस्कृत डीम्ड यूनिवर्सिटी और 2020 में सेंट्रल यूनिवर्सिटी बनाया गया। अलग-अलग शहरों में संस्कृत विश्वविद्यालयों के कई कॉलेज और संस्थान भी चल रहे हैं.....आईआईटी और आईआईएम जैसे संस्थानों में संस्कृत केंद्र काफी लोकप्रिय हो रहे हैं.....'












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