सरकार ने जम्मूू-कश्मीर के दो डॉक्टरों को किया निलंबित, इन पर लगा है ये संगीन आरोप
जम्मू-कश्मीर सरकार ने बड़ी कार्रवाई करते हुए गुरुवार को दो डॉक्टरों को सस्पेंड कर दिया है। सरकार ने जिन दो डॉक्टरों को सस्पेंड किया है उनका नाम डॉ बिलाल अहमद दलाल और डॉ निघाट शाहीन चिल्लो है।
इन दोनों डॉक्टरों को पाकिस्तान के साथ सक्रिय रूप से काामकरने और शोपियां की आसिया और नीलोफर की पोस्टमार्टम रिपोर्ट को गलत साबित करने का आरोप है।

सूत्रों के हवाले से छपी रिपोर्ट के अनुसार इन दोनों डॉक्टरों का उद्देश्य पाकिस्तान के साथ मिलकर कश्मीर में तैनात सुरक्षा बलों पर बलात्कार और हत्या का झूठा आरोप लगाकर लोगों में सेना के जवानों के प्रति असंतोष पैदा करना था।
भारतीय संविधान की धारा 311 (2) (C) के अंतर्गत दोनों को सस्पेंड किया है। साथ ही इस मामले में अब तक हुई जांच में ये साबित हो चुका है कि डॉक्टर बिलाल और डॉक्टर निगहत ने पाकिस्तान आईएसआई और आतंकवादी संगठनों के लिए काम करते थे।
जानें क्या है पूरा मामला
गौरतलब है कि कश्मीर के शोपियां में 2009 में नीलोफर और आसिया नाम की दो महिलाओं की रहस्यमयी परिस्थित में मौत हो गई थी। जिनकी पोस्टमार्टम रिपोर्ट इन दोनों ही डॉक्टरों ने बनाई थी। उन्होंने बालात्कार होने की पुष्टि की थी। जिन्हें इतने सालों बाद सरकार ने बर्खास्त किया है।
CBI ने अपनी रिपोर्ट में किया था ये खुलासा
2009 के 4 दिसंबर को जम्मू कश्मीर हाई कोर्ट में सीबीआई ने अपनी रिपोर्ट में कहा था कि महिलाओं के साथ न तो बलात्कार हुआ था और ना ही उनकी मौत हत्या से हुई है, इन दोनों महिलाओं की मौत पानी में डूबने की वजह से हुई है।
तत्कालीन सरकार के अधिकारियों ने तथ्यों को दबा दिया था
सूत्रों के अनुसार सरकार ने इस मामले की जो जांच करवाई, उसमें खुलासा हुअ कि तत्कालीन सरकार के आला अधिकारियों को इस केस के सारे तथ्यों के बारे में पता था लेकिन उन्होंने दबा दिया था। शोपियां घाटी में हुई साजिश के बाद 7 महीने तक कश्मीर सुलगती रही और 600 से अधिक घटनाएं हुई, जिसमें दंगा आगजनी, पथराव शामिल था। इस शोपियां घटना के बाद 252 प्राथिमिकी दर्ज हुई थी।












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