Get Updates
Get notified of breaking news, exclusive insights, and must-see stories!

एक ‘मुस्लिम कैब ड्राइवर’ के 250 हत्याएं करने की हक़ीक़त: फ़ैक्ट चेक

सोशल मीडिया
SM Viral Post
सोशल मीडिया

सोशल मीडिया पर पश्चिमी उत्तर प्रदेश के मेरठ से संबंधित एक भ्रामक ख़बर फ़ैलाई जा रही है जिसके अनुसार शहर के एक टैक्सी चालक ने यह स्वीकार किया है कि उसने बीते 120 दिनों में 250 यात्रियों का क़त्ल किया.

'dainikbharat.xyz' नाम की वेबसाइट के मुताबिक़ टैक्सी ड्राइवर का नाम मोहम्मद सलीम है और वो बीते चार महीने से रोज़ाना दो से ज़्यादा लोगों का क़त्ल कर रहा था.

'indiarag.com' ने यूपी पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी दीपेश जुनेजा के हवाले से लिखा है कि सलीम ने जिन लोगों का क़त्ल किया, उनमें पुरुष, महिलाएं और बच्चे भी शामिल हैं. सलीम कार में बैठी सवारी की हत्या कर उनके सामान को लूटता था और बाद में उनके शव को फेंक दिया करता था.

मुस्लिम
hinduexistence.org
मुस्लिम

इन दो वेबसाइट्स की तरह hinduexistence.org, hindujagruti.org, defence.pk और gellerreport.com ने भी इस स्टोरी को पब्लिश किया है और यही बातें लिखी हैं.

'Gellerreport.com' अमरीकी लेखिका पेमेला गैलर की वेबसाइट है और उनके आधिकारिक ट्विटर हैंडल के मुताबिक़ वो इस वेबसाइट की एडिटर हैं.

भारतीय जनता पार्टी की आईटी सेल के प्रमुख अमिल मालवीय पेमेला गैलर के आधिकारिक ट्विटर हैंडल को फ़ॉलो करते हैं.

पेमेला ने सोमवार, 3 जून 2019 को अपनी वेबसाइट पर छपी मेरठ की इस ख़बर को ट्वीट करते हुए लिखा कि एक मुस्लिम टैक्सी ड्राइवर ने कुबूल किया कि उसने 250 ग़ैर-मुस्लिम यात्रियों का क़त्ल किया तो मीडिया में कोई ख़बर नहीं आई.

सोशल मीडिया
Twitter
सोशल मीडिया

दक्षिणपंथी रुझान वाले कई बड़े फ़ेसबुक ग्रुप्स में इन वेबसाइट्स के लिंक पोस्ट किये जा रहे हैं और इन्हें सैकड़ों बार शेयर किया जा चुका है.

बीबीसी के सौ से ज़्यादा पाठकों ने व्हाट्सएप्प के ज़रिए हमें इन वेबसाइट्स के लिंक भेजे हैं और इस कथित घटना की सच्चाई जाननी चाही है.

अपनी पड़ताल में हमने पाया कि यह 12 साल पुरानी ख़बर है जिसे अब तोड़-मरोड़ कर दोबारा इन वेबसाइट्स ने पब्लिश किया है और इसके आधार पर लोग सोशल मीडिया पर तरह-तरह की बातें लिख रहे हैं.

सोशल मीडिया
SM Viral Post
सोशल मीडिया

12 साल पुराना मामला

सोशल मीडिया पर फ़लाए जा रहे इन वेबसाइट लिंक्स की सच्चाई जानने के लिए हमने यूपी की मेरठ पुलिस से बात की.

स्थानीय पुलिस ने बताया कि ऐसा कोई मामला हाल के दिनों में सामने नहीं आया है. साथ ही हमें बताया गया कि साल 2007 में ज़रूर एक मामला सामने आया था जिसमें एक टैक्सी गैंग पर दो सौ से ज़्यादा लोगों की हत्या करने का आरोप लगा था.

इंटरनेट रिवर्स सर्च से हमें पता चला कि मार्च 2007 में यूपी पुलिस ने 250 से ज़्यादा लोगों का मर्डर करने वाले एक कथित टैक्सी गैंग को गिरफ़्तार किया था. इससे संबंधित कुछ मीडिया रिपोर्ट्स भी हमें इंटरनेट पर मिलीं.

हमने पाया कि इस घटना से जुड़ी जो रिपोर्ट 30 मार्च 2007 को 'न्यूज़-18' ने पब्लिश की थी, उसी रिपोर्ट के अधिकांश हिस्से hinduexistence.org और gellerreport.com जैसी वेबसाइट्स ने अब इस्तेमाल किए हैं, लेकिन घटना की तारीख़, जगह और कुछ बुनियादी तथ्य बदल दिए गए हैं.

टाइम्स ऑफ़ इंडिया
TOI
टाइम्स ऑफ़ इंडिया

उसी दिन टाइम्स ऑफ़ इंडिया अख़बार ने भी इस मामले पर एक रिपोर्ट पब्लिश की थी. इस रिपोर्ट के अनुसार मेरठ पुलिस ने 29 मार्च 2007 को क़रीब 35 लोगों के एक संदिग्ध गिरोह को गिरफ़्तार किया था.

इन सभी लोगों को साल 2003 से 2007 के बीच 250 लोगों की हत्या करने के आरोप में गिरफ़्तार किया गया था.

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार चार साल के अंतराल (2003-07) में इस गैंग ने उत्तर प्रदेश के लखनऊ, झांसी, कानपुर, फ़ैज़ाबाद, बहराइच और मेरठ समेत कुछ अन्य शहरों में लोगों की हत्याएं की थीं.

इस गैंग की गिरफ़्तारी के बाद यूपी पुलिस ने मीडिया को बताया था कि ये लोग ख़ुद को टैक्सी ड्राइवर बताकर, लोगों को अपना शिकार बनाते थे और लूटपाट के बाद यात्रियों की हत्या कर उनके शव सुनसान इलाक़ों में फेंक देते थे.

सोशल मीडिया
SM Viral Post
सोशल मीडिया

पुलिस अफ़सर के नाम का ग़लत इस्तेमाल

इस पुरानी घटना को अब धार्मिक रंग देकर नए सिरे से सोशल मीडिया पर फ़ैलाया जा रहा है.

जिन पुलिस अफ़सर का नाम इन वेबसाइट्स ने पब्लिश किया है, वो अब मेरठ के एसपी नहीं हैं.

दीपेश जुनेजा साल 2007 में मेरठ के एसएसपी थे, लेकिन फ़िलहाल वो यूपी पुलिस के रिक्रूटमेंट बोर्ड में एडीजी के पद पर हैं.

जुनेजा 2007 में इस गैंग के ख़िलाफ़ हुई पुलिसिया कार्रवाई में शामिल थे.

उनके अनुसार फ़रवरी 2007 में दो लोगों की हत्या के एक मामले में जाँच के दौरान उन्हें कुछ सुराग मिले थे जिसके बाद उन्होंने बहराइच के सलीम नामक शख़्स को गिरफ़्तार कर लिया था और उसकी कार भी ज़ब्त कर ली गई थी.

सोशल मीडिया
SM Viral Post
सोशल मीडिया

पुलिस ने इस मामले की जाँच में पाया था कि 35 लोगों का ये गैंग 6-7 लोगों की एक टीम बनाकर हत्याओं को अंजाम देता था और एक ज़िले में आपराधिक घटना को अंजाम देने के बाद ये टीम दूसरे ज़िले में पहुँच जाती थी.

पर क्या इस घटना में कोई धार्मिक एंगल भी था? इसकी जानकारी लेने के लिए हमने यूपी पुलिस के एडीजी दीपेश जुनेजा से बात करने की कोशिश की.

उनके दफ़्तर से हमें यह स्पष्टीकरण मिला कि 2007 में हुआ ये एक आपराधिक मामला था. इस घटना में कोई धार्मिक एंगल नहीं था. सोशल मीडिया पर दीपेश जुनेजा के हवाले से जो ख़बरें अब फ़ैलाई जा रही हैं वो सभी फ़ेक हैं.

More From
Prev
Next
Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+