WTO के चीफ बोले, COVID19 हमारे जीवनकाल की सबसे बड़ी आर्थिक मंदी का कारण बन सकता है
नई दिल्ली- कोरोना वायरस की वजह से दुनिया भर में इंसानों की जान तो खतरे में है ही, अब इसे पिछले कई दशकों की सबसे बड़ी आर्थिक मंदी का कारण बनने की आशंकाएं जताई जाने लगी है। इस तरह की आशंका कोई और नहीं, बल्कि विश्व व्यापार संगठन के प्रमुख रॉबर्टो एजेवेदो ने जताई है। (तस्वीर-फाइल)

विश्व व्यापार संगठन के प्रमुख रॉबर्टो एजेवेदो ने कोरोना वायरस की वजह से दुनिया भर में पैदा हुए हालात को देखते हुए विश्व व्यापार को लगने वाले धक्के को लेकर बहुत ही ज्यादा निराशा जाहिर की है। इससे पहले बुधवार को विश्व व्यापार संगठन की ओर से ये भविष्यवाणी जताई गई है कि सामानों के विश्व व्यापार में इस साल एक दशक पुराने वैश्विक वित्तीय संकट से भी ज्यादा गिरावट आएगी। लेकिन, इसके साथ इसने यह भी उम्मीद जताई है कि कोविड-19 संकट के गुजरने के बाद अगर विभिन्न देश मिलकर काम करेंगे तो 2021 में एक बार इसमें फिर से उछाल देखने को मिल सकता है।
डब्ल्यूटीओ ने इस साल विश्व व्यापार में 13 से 32 फीसदी की गिरावट आने का अनुमान जताया है। अनुमान में इतने ज्यादा अंतर का कारण ये बताया गया है कि कोरोना वायरस संकट का अर्थव्यवस्था पर कितना असर पड़ेगा, इसका पूरा अनुमान लगाना अभी बहुत ही मुश्किल है। एजेवेदो ने कहा है कि, 'ये संख्या बदसूरत है- लेकिन इसके आसपास कुछ नहीं है।'
हालांकि, उन्होंने भरोसा जताया है कि अगर भविष्य को देखते हुए अभी से फैसले लिए जाएं और वैश्विक विकास को ध्यान में रखा जाए तो काफी तेजी और जोरदार वापसी भी मुमकिन है। इसके लिए वैश्विक बाजारों को खुला रखना होगा, जिससे कि निवेश के नए मौके बनें। उन्होंने ये भी कहा कि अगर विभिन्न देश आपस में मिलकर काम करेंगे तो अकेले काम करने की तुलना में इकोनॉमी की रिकवरी भी ज्यादा तेजी से हो सकेगी।












Click it and Unblock the Notifications