Get Updates
Get notified of breaking news, exclusive insights, and must-see stories!

'ईश्वर का शुक्र है कि हमारे पास उनके जैसे जज हैं': CJI ने मद्रास HC के न्यायाधीश की ऐसी सराहना क्यों की?

सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को तमिलनाडु के मंत्री के पोनमुडी और उनकी पत्नी के खिलाफ भ्रष्टाचार के एक मामले में मद्रास हाई कोर्ट के एक हालिया आदेश में दखल देने से इनकार कर दिया है।

लाइव लॉ की रिपोर्ट के मुताबिक यह मामला मुकदमे के ट्रांसफर में अनियमितताओं के आरोपों से संबंधित है, जिसे मद्रास हाई कोर्ट के जज जस्टिस एन आनंद वेंकटेश ने फिर से खोला था।

cji on madras high court judge

'ईश्वर का शुक्र है कि हमारे पास उनके जैसे जज हैं'
चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया डीवाई चंद्रचूड़ ने इस फैसले के लिए जस्टिस वेंकटेश की जमकर सराहना की है। उन्होंने उनके बारे में कहा, 'भगवान का शुक्र है कि हमारे सिस्टम में जस्टिस आनंद वेंकटेश के जैसे जज हैं। कल्पना करिए कि इस मामले में ट्रायल को एक राज्य से दूसरे राज्य में ट्रांसफर कर दिया गया और इसमें एक मौजूदा मंत्री भी शामिल था। ईश्वर का शुक्र है कि हमारे पास उनके जैसे जज हैं।'

तमिलनाडु के कुछ और मंत्रियों के खिलाफ खोला मामला
अगस्त, 2023 में जस्टिस वेंकटेश ने तमिलनाडु के मंत्री के पोनमुडी के खिलाफ केस को फिर से खोलने का आदेश दिया था, जिन्हें आय से अधिक संपत्ति के मामले में बरी कर दिया गया था। जस्टिस वेंकटेश ने ही इसी तरह के मामलों में डीएमके के दो अन्य मंत्रियों, राजस्व मंत्री केकेएसएसआर रामचंद्रन और वित्त मंत्री थंगम थेनारासु के खिलाफ भी कानूनी कार्रवाही की समीक्षा शुरू की थी।

सुप्रीम कोर्ट ने पोनमुडी के मामले को सुनने में अनिच्छा दिखाई
मौजूदा मामले में पोनमुडी और उनकी पत्नी ने मद्रास हाई कोर्ट के आदेश को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी थी। सोमवार को जब मामला सुनवाई के लिए सीजेआई चंद्रचूड़ की अगुवाई वाली बेंच में आया तो अदालत ने इसे सुनने में अनिच्छा जाहिर की।

सीजेआई ने इस बात की ओर ध्यान दिलाया कि यह मामला पहले ही मद्रास हाईकोर्ट की सिंगल बेंच के पास विचाराधीन है और याचिकाकर्ता के वकील से कहा कि 'आप हाई कोर्ट के सामने यह दलील दे सकते हैं कि उसके पास स्वत: संज्ञान लेने की शक्ति नहीं है।'

तमिलनाडु के मंत्री पोनमुडी और उनकी पत्नी पी विशालाची के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति का यह मामला 2002 का है। 28 जून, 2023 को दंपति को बरी कर दिया गया था, लेकिन मद्रास हाई कोर्ट ने 10 अगस्त, 2023 को उनके बरी होने के मामले में खुद ही पुनर्विचार किया।

यह फैसला जस्टिस आनंद वेंकटेश की ओर से दिया गया था, जिन्होंने पाया कि तथ्यों और जिस तरीके से मुकदमे को विल्लुपुरम से वेल्लोर ट्रांसफर किया गया था, वह 'क्रिमिनल जस्टिस सिस्टम में हेरफेर करने और नष्ट करने का एक चौंकाने वाला और सुविचारित प्रयास' का संकेत है।

भ्रष्ट नेताओं के खिलाफ खोल चुके हैं पुराने केस
दरअसल, जस्टिस आनंद वेंकटेश पिछले कुछ समय से इस वजह से सुर्खियों में रहे हैं, क्योंकि उनकी वजह से कई भ्रष्ट नेताओं की नींद हराम होती रही है। उन्होंने ऐसे मामलों को खोलना शुरू किया है, जिन्हें पहले संदिग्ध तरीके से आया-गया कर दिया गया था।

उन्होंने कम से कम राज्य के चार बड़े ऐसे नेताओं के केस को समीक्षा के लिए फिर से खोलने के लिए स्वत: संज्ञान लिए हैं, जो बरी किए जा चुके थे या फिर आरोप मुक्त हो गए।

More From
Prev
Next
Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+