NCERT Mahatma Gandhi से जुड़ा अंश हटाने के कारण कठघरे में, RSS और हिंदू-मुस्लिम एकता का हिस्सा भी डिलीट!
NCERT Mahatma Gandhi से जुड़ा कंटेंट हटाने के कारण कठघरे में है। कक्षा 12 की पाठ्यपुस्तक से महात्मा गांधी, हिंदू-मुस्लिम एकता, आरएसएस पर प्रतिबंध से संबंधित अंश हटाए गए हैं। जानिए पूरा मामला

NCERT Mahatma Gandhi से जुड़े कुछ अंशों को 12वीं कक्षा की किताब से हटा रही है। नेशनल काउंसिल फॉर एजुकेशनल रिसर्च एंड ट्रेनिंग (एनसीईआरटी) ने कक्षा 12वीं पाठ्यपुस्तक से हिंदू-मुस्लिम एकता, आरएसएस पर प्रतिबंध से संबंधित हिस्से भी हटा दिए हैं।
किताब से अहम बदलाव के कारण NCERT आलोचनाओं का सामना कर रही है। कक्षा 12 की राजनीति विज्ञान की नई पाठ्यपुस्तक में अब "आरएसएस जैसे संगठनों को कुछ समय के लिए प्रतिबंधित कर दिया गया" नहीं पढ़ा जा सकेगा।
एनसीईआरटी ने नए शैक्षणिक सत्र में "गांधीजी की मृत्यु का देश में सांप्रदायिक स्थिति पर जादुई प्रभाव पड़ा" और "गांधी की हिंदू-मुस्लिम एकता के आह्वान ने हिंदू चरमपंथियों को उकसाया" जैसे अंश भी किताब से हटा दिए गए हैं।
विवाद और सवाल के बीच एनसीईआरटी का दावा है कि इस साल पाठ्यक्रम में कोई कटौती नहीं की गई है। पिछले साल जून में ही पाठ्यक्रम को युक्तिसंगत बनाया गया था। खास हिस्सों को हटाने के पीछे "ओवरलैपिंग" और "अप्रासंगिक" जैसे कारण गिनाए गए हैं।
पिछले साल अपने "सिलेबस रेशनलाइजेशन" के दौरान भी पाठ्यक्रम से कुछ हिस्से हटाए गए। इसमें पाठ्यपुस्तकों से गुजरात दंगों, मुगल अदालतों, आपातकाल, शीत युद्ध, नक्सली आंदोलन पर सबक जैसे कई विषयों को हटाने का फैसला लिया गया।
रेशनलाइजेशन नोट में महात्मा गांधी के बारे में अंशों का कोई उल्लेख नहीं था। ट्रिब्यून की रिपोर्ट के अनुसार, एनसीईआरटी के निदेशक दिनेश सकलानी ने कहा, सिलेबस युक्तिकरण पिछले साल हुआ। इस साल कुछ भी नया नहीं हुआ है।
रेशनलाइजेशन के समय कई विषयों की घोषणा नहीं हुई। इन्हें भी किताबों से हटाने के आरोप लगे। इस बारे में सवाल पूछे जाने पर NCERT प्रमुख ने कोई टिप्पणी नहीं की। एनसीईआरटी की वेबसाइट पर 'छात्रों का बोझ कम करने' का जिक्र किया गया है।
NCERT की तरफ से जारी नोट में लिखा है, "कोविड-19 महामारी को देखते हुए, छात्रों पर सामग्री के बोझ को कम करना अनिवार्य है ऐसा महसूस किया गया। राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) 2020 भी सामग्री के भार को कम करने की वकालत करती है।
नेशनल एजुकेशन पॉलिसी (NEP) के हवाले से NCERT ने कहा, रचनात्मक मानसिकता के साथ अनुभव से सीखने के अवसर प्रदान करने पर जोर दिया गया है। इसी पृष्ठभूमि में एनसीईआरटी ने सभी कक्षाओं और विषयों की पाठ्यपुस्तकों को युक्तिसंगत बनाया है।
NCERT ने कहा, किताबों के वर्तमान संस्करण परिवर्तनों के बाद सुधारित संस्करण (Reformatted Version) हैं। पाठ्यपुस्तकें तर्कसंगत हैं। इन्हें सत्र 2022-23 के लिए युक्तिसंगत बनाया गया जो 2023-24 में भी जारी रहेगा।
युक्तिकरण के दौरान पुराने विषयों को छोड़ने के कारणों पर NCERT ने कहा, महामारी के मद्देनजर पाठ्यपुस्तकों में साहित्य की विधाओं पर आधारित सामग्री और स्कूली शिक्षा के विभिन्न चरणों में पूरक पुस्तकों को मिलाकर पाठ्यक्रम का बोझ और परीक्षा के तनाव को कम करने का प्रयास है।
शिक्षकों के अधिक हस्तक्षेप के बिना छात्रों के लिए आसानी से सुलभ विषय और बच्चों की सेल्फ लर्निंग या सहकर्मी शिक्षा (peer learning) और वर्तमान संदर्भ में "अप्रासंगिक" सामग्री को भी पाठ्यक्रम से हटा दिया गया था।
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शिक्षा मंत्रालय के एक अधिकारी ने गोपनीयता की शर्त पर बताया, एनईपी के अनुसार नए पाठ्यक्रम की रूपरेखा पर अभी भी हो रहा है। अद्यतन पाठ्यक्रम के अनुसार नई पाठ्यपुस्तकों को केवल 2024 शैक्षणिक सत्र से पेश किया जाएगा।












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