ऑपरेशन ऑल आउट से कश्मीर घाटी से भाग रहे हैं आतंकवादी: अरुण जेटली
नई दिल्ली। एक टीवी चैनल के कार्यक्रम में रक्षा मंत्री अरुण जेटली ने कहा कि घाटी के आतंकियों का सफाया करना ही सरकार की प्राथमिकता है और सुरक्षाबलों के तेवरों से घाटी के आतंकी अब भाग रहे हैं। जेटली ने कहा कि नोटबंदी के बाद आतंकियों की मुद्रा में कमी आई है और राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) द्वारा अलगाववादी नेताओं के हवाला कारोबार पर कार्रवाई के बाद जम्मू कश्मीर में आतंकी बैंक लूट रहे हैं।

घाटी से आतंकियों का सफाया करने के लिए इंडियन आर्मी ऑपरेशन ऑल आउट चला रही है, जिसमें हिज्बुल के कई बड़े आतंकियों को ढ़ेर किया जा चुका है। जेटली ने कहा कि पिछले कई दिनों से कश्मीर में पत्थरबाजों में भी कमी आई है। उनके अनुसार पहले कई पत्थरबाज आतंकियों को भगाने में मदद करते थे लेकिन अब इनकी तादाद महज 20, 30 या 50 रह गई है।
जेटली के अनुसार, 'मैं महसूस करता हूं कि घाटी में हथियारबंद आतंकवादी अब काफी दबाव में हैं और अब वे वहां से भाग रहे हैं। पहले हजारों की तादाद में आतंकवादी नियंत्रण रेखा पार करते थे, लेकिन अब ये संख्या घट गई है और सुरक्षाबल वहां पर हावी हैं'।
वहीं, रक्षामंत्री ने भारत-चीन पर जारी डोकलाम विवाद को संवेदनशील बताते हुए इसे पर टिप्पणी करना मुनासिफ नहीं समझा। जेटली ने बताया कि सर्जिकल स्ट्राइक के बाद पाकिस्तान की तरफ से घुसपैठ करना मुश्किल हो गया है। दुनिया के सबसे खतरनाक आतंकी संगठन आईएसआईएस के बारे में जेटली ने कहा कि भारत इस खतरे से मुक्त है। वहीं, घाटी में आतंकियों के सफाया करने में जम्मू कश्मीर पुलिस की भी जेटली ने तारिफ की।
हालांकि, अरुण जेटली ने साथ में यह भी कहा कि देश में कुछ लोग सुरक्षा बलों की आलोचना करते हैं और देश को कमजोर बनाने को कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने देश की सुरक्षा के मुद्दे पर लेफ्ट पार्टियों की आलोचना की।












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